वाराणसी सहित प्रदेश के छह मुख्य पर्यटन स्थलों को जल्द ही हेलीकाप्टर सेवा के जरिए आपस में जोड़ा जाएगा। इसमें लखनऊ, मथुरा, वृंदावन, अयोध्या, प्रयाग, विंध्याचल, नैमिषारण्य, चित्रकूट, कुशीनगर और वाराणसी शामिल हैं।
गुरुवार को सूबे के नागरिक उड्यन मंत्री नंद गोपाल नंदी ने यह जानकारी मऊ में दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के बहुमुखी परियोजना में यह योजना शामिल है। हेलीकाप्टर सेवा के जरिए आपस में जोड़े जाने वाले सभी क्षेत्र पर्यटन के साथ-साथ पौराणिक स्थल है।
लखनऊ, चित्रकूट, कुशीनगर, वाराणसी में हवाई अड्डे/ हवाई पट्टी पहले से है। इनका सिर्फ उपयोग करना है। लेकिन मथुरा, वृंदावन, अयोध्या, प्रयाग, विंध्याचल तथा नैमिषारण्य में हेलीपैड बनाए जाएंगे। कामर्शियल उद्देश्य से बनाए जाने वाले हेलीपैड पर लगभग 100 करोड़ की लागत आएगी।
मंत्री के मुताबिक हेलीकाप्टर सेवा शुरू करने के पीछे सरकार की मंशा पर्यटन को बढ़ावा देना है। इस दौरान सरकार पर्यटकों को और भी सुविधाएं प्रदान करेगी। इस कड़ी में इलाहाबाद एयरपोर्ट को अर्धकुंभ के पहले-पहले अक्टूबर 2018 में शुरू कर दिया जाएगा।
इलाहाबाद एयरपोर्ट के लिए अवशेष धनराशि 40,84,96,512 को अवमुक्त कर दिया गया है। यहां कुल 30.391 हेक्टयर जमीन इस कार्य के लिए क्रय की जा रही है।
इसी क्रम में कानपुर नगर स्थित भारतीय वायुसेना के एयरपोर्ट पर सिविल एयरपोर्ट की स्थापना के लिए खरीदे जाने वाली जमीन के लिए भी आज ही 31 करोड़ रुपया अवमुक्त किया गया है।