सभी ने दोनों हाथ जोड़कर माता से अगले साल फिर से आने की प्रार्थना की। इसके बाद शाम 6:30 बजे मां की प्रतिमा को पांच फीट की पतली गलियों से होकर सड़क तक लाया गया।वाहन पर सवार कर माता की प्रतिमा को विसर्जन के लिए रवाना हुआ। बंगाल से आए 108 ढाक की थाप गूंजते तो शामिल महिलाओं ने शंखनाद करते हुए चल रही थीं।
रास्ते भर श्रद्धालुओं ने माता की प्रतिमा की आरती उतारी और फूल बरसाकर स्वागत कर रहे थे। माता की प्रतिमा मदनपुरा की सड़क पर पहुंची। फेरी लगाने के बाद गोदौलिया चौराहे पर रात में 8:45 बजे पहुंची। यहां पर मेयर अशोक तिवारी, विधायक नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव और वीडीए सदस्य अमरीष सिंह भोला ने भी मां की पूजा की।
यहां पांच परिक्रमा लगाने के बाद प्रतिमा का वाहन आगे बढ़ा। ढ़ोल-नगाड़ों की थाप और जय माता दी के उद्घोष से गलियां और सड़कें गूंज रही थीं। प्रतिमा को मंदाकिनी कुंड की तरफ विसर्जन के लिए मैदागिन चौराहे 10:15 बजे पहुंची। वाहन से मां की प्रतिमा उतारकर श्रद्धालुओं ने कंपनी बाग पहुंचे, जहां मां की आरती के बाद 10:45 बजे विसर्जित किया गया। शोभायात्रा में क्लब के अध्यक्ष लालू शास्त्री, कहैयाचंद्र तलापात्रा, अमरबोस, देवशंकर बनर्जी, रतुल आदि शामिल रहे।