इन पर कड़ी नजर रखने के लिए शहरी व ग्रामीण इलाकों में जोनल मजिस्ट्रेट व माइक्रो मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। कालोनियों में एकल दुकानें, आवासीय परिसर के अंदर ही दुकानें खुलेंगी। अनाज, गल्ला की सभी थोक मंडियां, दवा की मंडियों को रोस्टर के हिसाब से ही खुलने की छूट होगी। नगर निगम में आठ सब्जी मंडियां ही खुलेंगी।
सुबह दस से शाम पांच बजे तक खुलेगी यह दुकानें
दवा, राशन, अनाज, गल्ला, दूध सहित मिल्क प्रोडक्ट, सब्जी-फल, रसोई गैस, सीएनजी, अंडा, जनरल स्टोर, पशु चारा, पशु चिकित्सा, कृषि संबंधी सामान, मसलन कि बीज, रसायन, आटा चक्की, आटा मिल, बेकरी में बनने वाले सभी सामान की दुकानें शामिल हैं।
उद्यमियों से भरवाया जा रहा है शपथ पत्र
औद्योगिक क्षेत्रों की इकाईयों को भी खोलने की अनुमित दी जा रही है। इसके लिए एक शपथ पत्र भी उद्यमियों को भरना होगा। कर्मियों और श्रमिकों के लिए पास जारी करने संबंधित जानकारी के लिए जिला उद्योग केंद्र में संपर्क करना होगा। यहीं से प्रारूप के तौर पर पास जारी किया जाएगा। जिसमें दो आइडी, फोटो और संबंधित इकाइयों का ब्यौरा हो। अब तक 55 इकाईयों ने उद्योग खोलने की अनुमति मांगी है।