बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को झाल मंजीरा बजाकर अनोखे ढंग से भिखारीपुर स्थित एमडी कार्यालय प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी एमडी कार्यालय में घुस गए। उनका आरोप था कि उनके कई साथियों से दबाव बनाकर उनसे काम कराया जा रहा, जिन्हें उन्होंने निकालने गए थे। वहीं, शाम चार बजे सुरक्षा के दृष्टि से फोर्स बुला ली गई। इसे लेकर प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके चलते विरोदोपुर, कबीरनगर, दुर्गाकुंड, गुरुधाम, खोजवा, क श्मीरीगंज, बैजनत्था, महमूरगंज, बसही, राजेंद्र प्रसाद घाट,शक्तिपीठ उपकेंद्र की 33 केवीए की लाइन बंद रही। अलईपुरा, सरैया, अंसरबाद, तेलियाना, आदमपुर, दोषिपुरा, भदौनी से पिशाचमोचन, काशी अनाथालय, नई सड़क, अंधरापुल, मलदहिया, पांडेयपुर हवेली, लेदुपुर से शक्तिपीठ, बरकी में सकलपुर, शिवाला, अमरपुर आदि स्थानों पर विद्युत आपूर्ति बाधित रही।
वहीं, एमडी कार्यालय पर सभा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने यह तय किया कि सभी अवर अभियंता और कर्मचारी मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारा की तरह अपने विद्युत उपकेंद्र की लाइनों पर नजर रखेंगे, क्योंकि कुछ आंदोलन को बदनाम करने के लिए बाहरी मिस्त्रियों द्वारा अनाधिकृत रूप से लाइनों से छेड़छाड़ किया जा रहा है। अध्यक्षता इंजीनियर अरूण यादव और संचालन मदनलाल श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान इंजीनियर अमित त्रिपाठी, मायाशंकर तिवारी, संजय भारती, विजय सिंह, जितेंद्र सिंह, मनीष श्रीवास्तव रमाशंकर पाल आदि मौजूद रहे।