काशी तीर्थ पुरोहित सभा ने गंगा तटों पर जेटी लगाए जाने पर एतराज जताया है। तीर्थपुरोहितों की बैठक में कहा गया है कि इस कदम से गंगा घाटों पर परंपरागत धार्मिक कर्मकांड प्रभावित होंगे। श्रद्धालुओं को स्नान के लिए भी किनारों पर जगह नहीं मिलेगी।
ऐसे में जेटी हटा दी जानी जानी चाहिए। मल्लाहों, तीर्थपुरोहितों के कड़े विरोध के बावजूद तीन प्रमुख घाटों पर जेटी लगा दी गई है।
पशुपतेश्वर महादेव मंदिर परिसर स्थित कार्यालय पर तीर्थ पुरोहित सभा की बैठक में अध्यक्ष पं. राजीव नंदन मिश्र ने कहा कि गंगा तटों पर जेटी लगाने से स्नान, तर्पण-अर्पण के अलावा अन्य धार्मिक कर्मकांड प्रभावित होंगे।
काशी में गंगा तटों पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में जेटी लगाने से घाटों पर डुबकी लगाने के लिए भी जगह नहीं बचेगी और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। घाटों पर बैठने वाले तीर्थपुरोहितों के साथ ही उनके आश्रितों के समक्ष रोजी रोटी की समस्या पैदा हो जाएगी।