विशाल उर्फ विक्की का फाइल फोटो।
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भेलूपुर थाना इलाके के भदैनी निवासी राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, उसकी पत्नी नीतू और तीन बच्चों नमनेंद्र, सुबेंद्र और गौरांगी का शव गत पांच नवंबर को उनके घर में मिला था। पांचों की गोली मार कर हत्या की गई थी। वारदात के बाद से ही राजेंद्र के छोटे भाई कृष्णा का बड़ा बेटा विशाल लापता था।
विशाल की तलाश में पुलिस टीमें मुंबई, अहमदाबाद, बंगलूरू, दिल्ली और तमिलनाडु तक गईं थी, लेकिन उसका कहीं पता नहीं लगा। इस संबंध में डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने कहा था कि विशाल की तलाश पुलिस टीमें सरगर्मी से कर रही हैं। पूरी उम्मीद है कि वह जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होगा।
बुजुर्ग शारदा देवी ने बताया था कि उनके बड़े बेटे राजेंद्र के साथ उसका बड़ा बेटा नमनेंद्र भी विशाल की अकारण ही पिटाई करता था। छोटे बेटे कृष्णा और छोटी बहू बबिता की हत्या के बाद उनके तीनों बच्चों को पढ़ाई-लिखाई राजेंद्र ने कराई। मगर, तीनों बच्चों के साथ राजेंद्र का बरताव अच्छा नहीं था। राजेंद्र उनके साथ भी मारपीट करता था। इसलिए वह चुप रहती थी। मगर, उन्होंने छोटे बेटे के तीनों बच्चों को अपना बच्चा समझ कर परवरिश की।
राजेंद्र करोड़ों की अचल संपत्ति का मालिक था। 10 लाख रुपये से ज्यादा प्रतिमाह उसके पास किराया आता था। शारदा देवी ने कहा था कि अब उनके खानदान में उनके दो पौत्र विशाल और जुगनू बचे हैं। उनके दोनों पौत्र ही उनके परिवार की चल-अचल संपत्ति के हिस्सेदार होंगे। दोनों पोते समझदार हैं और वह सब कुछ अच्छे से संभाल लेंगे।
फ्लैट में रहता था राजेंद्र गुप्ता का परिवार
भदैनी पावर हाउस के सामने की गली में राजेंद्र गुप्ता (56) का पांच मंजिला (भूतल और चार मंजिला) मकान है। मकान के अगले हिस्से में प्रथम, द्वितीय और तृतीय तल पर राजेंद्र का एक-एक फ्लैट है। जबकि, अन्य फ्लैट और उससे सटे टिनशेड में 40 किराएदार रहते हैं। राजेंद्र के साथ घर में मां शारदा देवी के अलावा उसकी दूसरी पत्नी नीतू (45), बेटे नमनेंद्र (24) व सुबेंद्र (15) और बेटी गौरांगी (17) रहते थे।
सफाई करने वाली आई तो हुआ हत्याकांड का खुलासा
पांच नवंबर 2024 यानी मंगलवार की सुबह 11 बजे घर की सफाई करने के लिए रीता देवी प्रथम तल स्थित फ्लैट पर पहुंची। दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। इस बीच, रीता ने धक्का दिया तो दरवाजा खुल गया। अंदर जाने पर रीता ने देखा कि नीतू फर्श पर खून से लथपथ निढाल पड़ी थी। वह भाग कर दूसरे तल पर स्थित फ्लैट में गई तो वहां एक कमरे में नमनेंद्र फर्श पर खून से लथपथ पड़ा था और गौरांगी एक कोने में मृत पड़ी थी।
वहीं, सुबेंद्र का शव बाथरूम में मिला था। सूचना पाकर पुलिस पहुंची तो राजेंद्र घर पर नहीं था। राजेंद्र के मोबाइल नंबर को पुलिस ने सर्विलांस की मदद से ट्रैक करना शुरू किया तो उसकी लोकेशन मीरापुर रामपुर गांव में मिली। पुलिस वहां पहुंची तो निर्माणाधीन मकान के एक कमरे में मच्छरदानी लगे बिस्तर पर राजेंद्र निढाल पड़ा था।
हत्या, दो शादी और एक महिला से करीबी
पुलिस के अनुसार, राजेंद्र पर उसके पिता व एक चौकीदार के साथ ही छोटे भाई व छोटे भाई की पत्नी की हत्या का आरोप था। ये घटना वर्ष 1997 की है। इसी आरोप में राजेंद्र जेल भी गया था। पुलिस के मुताबिक, राजेंद्र ने दो शादी की थी। हाल के दिनों में एक अन्य महिला से भी उसकी करीबी बढ़ी थी। राजेंद्र की पहली पत्नी अपने बेटे के साथ कई साल से पश्चिम बंगाल के आसनसोल रहती है।