इसके बाद तीन अगस्त 2026 को सरफराज नाम के व्यक्ति ने संपर्क किया। उसने खुद को कंपनी का सेल्स मैनेजर बताया और व्यवसायी की फर्म के नाम से प्रोफार्मा इनवॉइस भेजा। दस्तावेजों को वास्तविक मानकर सेराज अहमद ने अपनी फर्म के एचडीएफसी बैंक खाते से भुगतान करना शुरू कर दिया। आरोप है कि आरबीएल बैंक और सीएसबी बैंक के खातों में अलग-अलग किस्तों में कुल 17 लाख 90 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए।
व्यवसायी के अनुसार, पांच अगस्त, सात अगस्त, आठ अगस्त और 18 अगस्त 2026 को रकम भेजी गई थी। भुगतान के बाद डेढ़ से दो महीने बीत गए, लेकिन सोलर पैनल की आपूर्ति नहीं हुई। इस दौरान संबंधित लोग लगातार सामान भेजने का आश्वासन देते रहे। बाद में ठगी का संदेह होने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ठगों ने मुंबई के पते पर दर्ज फर्जी जीएसटीएन का इस्तेमाल किया। प्रोफार्मा इनवॉइस के जरिए भुगतान कराकर व्यवसायी को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी उदयवीर सिंह ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस बैंक खातों में हुए लेनदेन का विवरण और संबंधित मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाल रही है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।