पहले चरण का काम दिसंबर 2019 तक पूरा होने की प्रबल संभावना
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वाराणसी फ्लाईओवर हादसे के बाद जब एक-एक बिंदू की पड़ताल शुरू हुई तो परत दर परत चीजें खुलती चली गईं। जिस फ्लाईओवर के निर्माण के प्रगति की रिपोर्ट सेतु निगम ने अप्रैल माह में 58 प्रतिशत भेजा था।
उसकी मई में वास्तविक प्रगति रिपोर्ट 38 फीसदी ही है। निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिसंबर 2018 दिया गया है। निर्धारित तारीख तक पूरा होने में संशय है। इंजीनियरों की मानें ढाई साल में जब 38 प्रतिशत काम हुआ तो बाकी बचे 62 प्रतिशत काम को जल्द से जल्द पूरा कराने में भी ढाई साल का समय लग जाएगा।
इस हिसाब से यह योजना दिसंबर 2020 में पूरी होगी। सवाल उठता है कि आखिर किस बात का दबाव सेतु निगम के अधिकारियों पर था कि उन्होंने गलत रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी है। इसी हड़बड़ी में कहीं बीम को रखने में अनदेखी की गई, जिसका खामियाजा 15 लोगों को जान देकर चुकानी पड़ी।
पहले इसकी लागत 77 करोड़ रुपये थी, जो बाद में बढ़कर 129 करोड़ हो गई है। पहले चरण में रोडवेज बस अड्डा से कैंसर अस्पताल तक निर्माण होगा। यह काम दिसंबर 2019 तक पूरा होने की संभावना है।
इसके बाद दूसरे चरण का काम कैंट तिराहे से काशी विद्यापीठ की ओर होगा। यह कार्य दिसंबर 2020 तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। इस बारे में कुछ भी बोलने से सेतु निगम के अधिकारी कतरा रहे हैं लेकिन लखनऊ को भेजी गई रिपोर्ट में सेतु निगम ने इसका जिक्र किया है।