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फ्लाईओवर हादसाः जेल में कुछ इस तरह से गुजरी अभियंताओं की रात, अन्य बंदियों के बीच खासी चर्चा

Mon, 30 Jul 2018 03:38 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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वाराणसी जिला जेल की चहारदीवारी के भीतर मच्छरों की भनभनाहट और उमस के बीच फर्श पर सेतु निगम के सात अभियंताओं और एक ठेकेदार की पहली रात बड़ी मुश्किल से गुजरी। जेल सूत्रों ने बताया कि किसी को नींद नहीं आई तो कोई बैरक में चहलकदमी करता रहा। एक-दो तो रात भर चुपचाप बैठे ही रह गए।
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वहीं, रविवार को भी आठों आरोपी बैरक में गुमसुम से नजर आए और उन्हें किसी से बातचीत करते भी नहीं देखा गया। आठों आरोपियों और वाराणसी फ्लाईओवर हादसे में हुई 15 लोगों की मौत को लेकर जेल के अन्य बंदियों में खासी चर्चा होती दिखी।


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निर्माणाधीन चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे के मामले में गिरफ्तार सेतु निगम के निलंबित चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर हरिश्चंद्र तिवारी सहित आठों आरोपियों को जिला जेल की आमदनी बैरक यानी बैरक नंबर 10 ए में निरुद्ध किया गया है। जेल में आने वाले नए बंदी को पहले बैरक नंबर 10 ए में ही रखा जाता है।

पढ़ेंः वाराणसी फ्लाईओवर हादसे में बड़ी कार्रवाई, सेतु निगम के निलंबित चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर सहित आठ गिरफ्तार

इसके दो-तीन दिन बाद बंदी की बैरक बदली जाती है। इसके साथ ही जेल के भीतर कामकाज में लगाया जाता है। जेलर पीके त्रिवेदी ने बताया कि आठों बंदियों को भी अन्य बंदियों की तरह ही सामान्य तरीके से रखा गया है। कुछ ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बताई हैं तो उनके लिए दवाओं की व्यवस्था की जाएगी।

तफ्तीश में आएगी तेजी, जल्द होगी कुछ और की गिरफ्तारी

- फोटो : अमर उजाला
सेतु निगम के सात अभियंताओं और एक ठेकेदार की गिरफ्तारी के बाद क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में तेजी आएगी। जल्द ही कुछ अन्य अभियंताओं और ठेेकेदारों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा जाएगा। स्वतंत्र साक्षियों का बयान दर्ज किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। क्राइम ब्रांच की शनिवार की कार्रवाई से सेतु निगम के अभियंताओं, कर्मचारियों और ठेकेदारों में हड़कंप की स्थिति है।

अधिवक्ताओं का पैनल करेगा पैरवी, रिमांड पर लेगी पुलिस

- फोटो : अमर उजाला
फ्लाईओवर हादसे में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अदालत में प्रभावी पैरवी के लिए पुलिस अधिवक्ताओं का पैनल खड़ा करेगी। इस पैनल में सरकारी अधिवक्ताओं के साथ ही शहर के नामी अधिवक्ता भी शामिल होंगे। इसके लिए पुलिस उन्हें फीस देगी। इस संबंध में शासन स्तर से निर्देश मिला है कि आरोपियों की गिरफ्तारी तक ही पुलिस अपनी जिम्मेदारी न समझे। बल्कि, अदालत में प्रभावी तरीके से पैरवी कर आरोपियों को सजा भी दिलाए। वहीं, आठों आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ की तैयारी में जुट गई है।
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आंधी-तूफान या ट्रैफिक का दबाव नहीं था हादसे की वजह

- फोटो : अमर उजाला
सेतु निगम के कुछ अभियंताओं ने तर्क दिया था कि आंधी-तूफान की वजह से दोनों बीम गिरी थीं। वहीं, कुछ अभियंताओं ने कहा था कि निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे से ओवरलोड वाहन गुजरते थे, इस दौरान जो कंपन पैदा होता था उसकी वजह से दोनों बीम गिरीं। सीबीआरआई ने सेतु निगम के इन तर्कों को खारिज कर दिया है। क्राइम ब्रांच के अनुसार यदि आंधी-तूफान या वाहनों का दबाव कारण होता तो अन्य पिलर पर रखी बीम भी गिरती।
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