वाराणसी जिला जेल की चहारदीवारी के भीतर मच्छरों की भनभनाहट और उमस के बीच फर्श पर सेतु निगम के सात अभियंताओं और एक ठेकेदार की पहली रात बड़ी मुश्किल से गुजरी। जेल सूत्रों ने बताया कि किसी को नींद नहीं आई तो कोई बैरक में चहलकदमी करता रहा। एक-दो तो रात भर चुपचाप बैठे ही रह गए।
तफ्तीश में आएगी तेजी, जल्द होगी कुछ और की गिरफ्तारी
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सेतु निगम के सात अभियंताओं और एक ठेकेदार की गिरफ्तारी के बाद क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में तेजी आएगी। जल्द ही कुछ अन्य अभियंताओं और ठेेकेदारों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा जाएगा। स्वतंत्र साक्षियों का बयान दर्ज किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। क्राइम ब्रांच की शनिवार की कार्रवाई से सेतु निगम के अभियंताओं, कर्मचारियों और ठेकेदारों में हड़कंप की स्थिति है।
अधिवक्ताओं का पैनल करेगा पैरवी, रिमांड पर लेगी पुलिस
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फ्लाईओवर हादसे में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अदालत में प्रभावी पैरवी के लिए पुलिस अधिवक्ताओं का पैनल खड़ा करेगी। इस पैनल में सरकारी अधिवक्ताओं के साथ ही शहर के नामी अधिवक्ता भी शामिल होंगे। इसके लिए पुलिस उन्हें फीस देगी। इस संबंध में शासन स्तर से निर्देश मिला है कि आरोपियों की गिरफ्तारी तक ही पुलिस अपनी जिम्मेदारी न समझे। बल्कि, अदालत में प्रभावी तरीके से पैरवी कर आरोपियों को सजा भी दिलाए। वहीं, आठों आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ की तैयारी में जुट गई है।
आंधी-तूफान या ट्रैफिक का दबाव नहीं था हादसे की वजह
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सेतु निगम के कुछ अभियंताओं ने तर्क दिया था कि आंधी-तूफान की वजह से दोनों बीम गिरी थीं। वहीं, कुछ अभियंताओं ने कहा था कि निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे से ओवरलोड वाहन गुजरते थे, इस दौरान जो कंपन पैदा होता था उसकी वजह से दोनों बीम गिरीं। सीबीआरआई ने सेतु निगम के इन तर्कों को खारिज कर दिया है। क्राइम ब्रांच के अनुसार यदि आंधी-तूफान या वाहनों का दबाव कारण होता तो अन्य पिलर पर रखी बीम भी गिरती।