इस पूरे घटना की सूत्रधार एक महिला है, जो साड़ी कारोबारी से काफी दिनों से जुड़ी हुई थी। कारोबारी के डेबिट कार्ड से शनिवार की शाम और रविवार को आरोपियों ने दो लाख रुपये भी निकाले। बाबतपुर और रामनगर स्थित एटीएम से 90-90 हजार और चांदमारी रिंग रोड के पास रात में तीन बजे एटीएम से दस हजार रुपये निकाले गए। क्राइम ब्रांच की टीम ने सीसी कैमरे और सर्विलांस के जरिये पांच आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ के आधार पर ही सुबह भेलूपुर इंस्पेक्टर रमाकांत दुबे टीम के साथ राजघाट से लेकर चुनार तक मोटरबोट से खोजबीन की। उधर, महमूद के साथ अनहोनी की आशंका पर पत्नी जमिला बानो गमगीन रहीं। वह सिर्फ अपने पति की सलामती की दुआं कर रही हैं। बेटे फैजान, अरशद और अन्य सदस्य बेसुध हैं।
पतंग खरीदने की बात कहकर निकले थे घर से
शनिवार की अपराह्न महमूद आलम पतंग खरीदने की बात कहते हुए घर से स्कूटी से निकले थे। सवा छह बजे बेटे फैजान के मोबाइल पर दो बार फोन करके आठ लाख रुपये का इंतजाम करने को कहा था। इसके बाद से उनका मोबाइल बंद है। घबराए परिजनों ने शनिवार की रात अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया।
पूर्व परिचित होने के कारण महिला के साथ गए कारोबारी
काशी जोन की पांच टीमें मामले की तफ्तीश में लगी हुई हैं। छानबीन के दौरान पता चला कि महिला के इशारे पर ही कारोबारी को अगवा किया गया था। घटना से एक दिन पूर्व महिला दुकान पर आई थी और सूट खरीदी थी। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि वह महिला काफी दिनों से महमूद के संपर्क में थी। पूर्व परिचित होने के कारण उसके बुलाने पर महमूद स्कूटी से बीएचयू पहुंचे थे। रविवार को पुलिस ने महमूद की स्कूटी बीएचयू के विश्वनाथ मंदिर के बाहर से लावारिस हाल में बरामद की थी।
ई-रिक्शा से जाते हुए दिखे सभी
सीसी कैमरे खंगालने पर ई-रिक्शा में पांच युवक और महिला साड़ी कारोबारी को बैठाकर ले जाते हुए देखे गए। भेलूपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें सीसी कैमरे खंगालते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया। महिला तो पहले से ही पुलिस की हिरासत में है। दो अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने उठाया है। कुल पांच आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। भेलूपुर इंस्पेक्टर रमाकांत दुबे के अनुसार खोजबीन की जा रही है।