घटना की गंभीरता को देखते हुए आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मकान में पटाखे बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक तेज धमाका हुआ और पूरी इमारत ढह गई। हालांकि, विस्फोट के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बताया गया कि राजू खान करीब 25 वर्षों से पैगंबरपुर इलाके में रह रहा था। उसके मकान के पीछे उसके बड़े भाई सलीम का घर है। दोनों भाई पटाखों के कारोबार से जुड़े थे। घटना के बाद पुलिस और अन्य एजेंसियां विस्फोट के कारणों, पटाखा निर्माण की गतिविधियों और सुरक्षा मानकों की पड़ताल में जुट गईं। हादसे में हुए नुकसान और घायलों की स्थिति का आकलन किया जा रहा था।