कोरोना संक्रमण के कारण बेपटरी हुए विश्वविद्यालयों के सत्र चार महीने के बाद नवंबर से भी शुरू होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। विश्वविद्यालय और महाविद्यालयाें में दाखिले की प्रक्रिया अभी तक अधूरी है। कहीं प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट अटके हैं तो कहीं प्रवेश परीक्षा के आवेदन भरे जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दाखिले की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही नए सत्र की कक्षाओं का संचालन शुरू हो सकेगा।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने प्रवेश परीक्षा की उत्तर कुंजिका ऑनलाइन कर दी है, लेकिन अभी तक प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट जारी नहीं किए गए हैं। अभी उत्तर कुंजिका पर आई आपत्तियों का निस्तारण किया जाना बाकी है। वहीं प्रोन्नत छात्रों का दाखिला भी पूर्ण नहीं हुआ है। विश्वविद्यालय ने धीमी गति को देखते हुए प्रवेश शुल्क जमा करने की तिथि को चौथी बार बढ़ाया है। वहीं कई संबद्ध महाविद्यालयों के परीक्षा परिणाम भी लटके हुए हैं। कुलसचिव डॉ. एसएल मौर्य का कहना है कि दाखिले की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही कक्षाओं के संचालन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
वहीं संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शास्त्री और आचार्य में दाखिले के लिए आवेदन की तिथि को फिर से चार नवंबर तक बढ़ा दिया गया है। काउंसिलिंग के दौरान छात्रों की कम संख्या को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। संबद्ध संस्कृत महाविद्यालयों में भी दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। कुलसचिव राजबहादुर का कहना है कि काउंसिलिंग की प्रक्रिया जल्द पूर्ण कर ली जाएगी। संभावना है कि 15 नवंबर के बाद से कक्षाओं का संचालन शुरू हो सके। वहीं हरिश्चंद्र महाविद्यालय की प्रवेश परीक्षा 29 को समाप्त हुई है और यूपी कॉलेज में दो नवंबर से स्नातक कक्षाओं में दाखिले की काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू होगी।