वाराणसी के प्राथमिक विद्यालय दानगंज प्रथम में कक्षा दो के छात्र प्रियांशु की सहायक अध्यापिका द्वारा पिटाई किए जाने से उसके हाथ की टूट जाने का आरोप है। यही नहीं जब पीड़ित के पिता स्कूल में जानकारी लेने पहुंचे तो वहां अधिकारियों से शिकायत न करने की हिदायत दी गई। 16 अगस्त को हुई घटना की शिकायत करने के लिए सोमवार को जब उसके पिता नटवर विश्वकर्मा उसे लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचे तो उन्होंने जांच के आदेश दिए। साथ ही उन्होंने छात्र से जब पहाड़ा पूछा तो उसने सुना दिया। इसके आत्मविश्वास को देखकर डीएम भी गदगद हो गए और उसको भविष्य का डीएम बताते हुए उसे बगल की कुर्सी पर बैठाया औैर इनाम स्वरूप उसे चाकलेट दिया। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : अमर उजाला
डीएम सुरेंद्र सिंह ने पिता से कहा कि आपका पुत्र काफी तेज है, इसे पढ़ाइए। यह भविष्य में डीएम बनेगा। पिता नटवरलाल विश्वकर्मा ने बताया कि पुत्र प्रियांशु कक्षा दो में प्राथमिक विद्यालय दानगंज प्रथम में प्रतिदिन पढ़ने जाता है। विद्यालय में सहायक अध्यापिका के द्वारा छात्र की पिटाई सुबह कर दी गई। दोपहर बाद जब प्रियांशु घर आया और आप बीती सुनाई, तब विद्यालय में जाकर शिक्षकों से वार्ता की गई, जिस पर धमकियां मिलने लगी। विद्यालय में पढ़ाई कम बैठकबाजी ज्यादा होती है। पुत्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चोलापुर ले जाने के बाद इलाज कराया गया। इसके बाद मामले की शिकायत जिलाधिकारी वाराणसी एसएसपी से की गई है, जिलाधिकारी ने 23 तारीख को बुलाया है। बताया कि मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
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जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि दानगंज प्राथमिक विद्यालय के छात्र की शिकायत की जांच के लिए बीएसए को निर्देश दिया गया है। तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।
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प्राथमिक विद्यालय दानगंज प्रथम के प्रधानाचार्य शिवशंकर यादव ने कहा कि विद्यालय खुलने पर टाटपट्टी दो छात्र झाड़ रहे थे। इसी बीच प्रियांशु दौड़ते हुए विद्यालय आ रहा था, जिसमें फंसकर वह गिर पड़ा और उसके हाथ में चोट लगी है। उसका इलाज कराया गया है। किसी के द्वारा उसे मारा पीटा नहीं गया है। आरोप गलत है।
दानगंज प्राथमिक विद्यालय प्रथम के भीतर अवैध रूप से फोर व्हीलर, टू व्हीलर वाहन लोग खड़े करते हैं, जिससे छात्रों को खेलने कूदने में समस्याएं आती हैं। कई बार शिक्षकों के द्वारा वाहन खड़ा करने से मना किया जाता है, लेकिन लोग मानते नहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय कैंपस में पुलिस भी अपनी गाड़ी खड़ी करती है। वाहनों के आवागमन से विद्यालय कैंपस के भीतर बरसात में कचरा और गंदगी रहती है।