आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में बचाव पक्ष की बार-बार स्थगन की अर्जी खारिज की गई। अदालत ने आरोपी कुणाल पांडेय और सक्षम पटेल का सफाई साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर भी समाप्त कर दिया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत ने मंगलवार को आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में बार-बार स्थगन मांगने की बचाव पक्ष की अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने आरोपी कुणाल पांडेय और सक्षम पटेल का सफाई साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर भी समाप्त कर दिया। अब 5 अक्तूबर को बहस होगी।
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लंका थाने में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक इस प्रकरण में कुणाल पांडेय, सक्षम और आनंद चौहान को आरोपी बनाया गया है। अदालत के आदेश के मुताबिक, आरोपियों के बयान 27 अगस्त को दर्ज किए गए थे। इसके बाद बचाव पक्ष ने सफाई साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा था।
14 सितंबर को दो गवाहों को तलब करने की अर्जी स्वीकार की गई थी। हालांकि, गवाह की अनुपस्थिति और अन्य कारणों से सुनवाई कई बार टल गई। 23 सितंबर को बचाव पक्ष ने गवाहों पर दबाव की बात कही और गवाही रद्द करने की अर्जी दी। अदालत ने अर्जी स्वीकार कर ली।