बुधवार की सुबह 8:50 बजे जिला अस्पताल में फीवर क्लीनिक के सामने डॉक्टरबु के आने का इंतजार करते मरीज।
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दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल को मरीजों की सुविधाओं के मामले में गूगल 5 स्टार रेटिंग मिलने के साथ ही सर्जरी करने, इको फ्रेंडली सहित कई श्रेणी में कागज पर प्रदेश में पहला स्थान मिला है। इसके बाद भी यहां ओपीडी में डॉक्टर 40 मिनट की देरी से आते हैं। पैथालोजी, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड भी देरी से शुरू होता है। दोपहर में ओपीडी में अधिकांश जगह तय समय से 30 मिनट पहले ही सन्नाटा दिखने लगता है।
बुधवार को अमर उजाला की पड़ताल में सुबह ओपीडी खुलने के 40 मिनट बाद तक कुर्सियां खाली रहीं। एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और पैथालॉजी में भी आधे घंटे तक जांच नहीं शुरू हुई। जिला अस्पताल में शहरी और ग्रामीण इलाकों से रोज 1500 मरीज पहुंचते हैं। ओपीडी का समय सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक है।
बुधवार को सुबह 7.30 बजे ओपीडी के मुख्य द्वार के सामने मरीज इलाज के लिए पहुंचे। 8 बजे गेट खुलने के साथ पर्ची तो तुरंत बनने लगी लेकिन मरीज डॉक्टर के कमरे में पहुंचे तो वहां डॉक्टर नहीं मिले। वे बाहर ही डॉक्टर का इंतजार करते रहे।
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ओपीडी खुलने के 40 मिनट बाद तक निजी फार्मेसी से प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थी कमरे में और उसके बाहर जरूर दिखे लेकिन ऑर्थोपेडिक्स के चार चिकित्सक, तीन सर्जन, एक चर्म रोग विशेषज्ञ, दो बाल रोग विशेषज्ञ, दो फिजिशियन नहीं थे। ओपीडी में डॉक्टरों, कर्मचारियों को समय से आने के लिए कहा गया है।
निगरानी के लिए सीसी कैमरे और ऑनलाइन अटेंडेंस की व्यवस्था की गई है। चिकित्सक आने के बाद वार्ड में भर्ती मरीजों को देखते हैं। समय से ओपीडी, एक्सरे, पैथालॉजी, अल्ट्रासाउंड समय से शुरू नहीं हो रहा है तो इस बारे में जवाब तलब किया जाएगा। -डॉ. बृजेश कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल