वाराणसी। लॉकडाउन में जनता की सहूलियत के लिए सरकारी कार्यालय खोल दिए गए हैं। मगर, कोरोना के खौफ से फरियादी भी कार्यालयों तक नहीं पहुंच रहे हैं। जबकि ज्यादातर कार्यालय में सिटिंग अरेंजमेंट सामाजिक दूरी का ख्याल रखते हुए किया गया है। कार्यालयों में हाथ धोने से लेकर सैनिटाइजर तक की व्यवस्था की गई है। विकास भवन से लेकर विकास प्राधिकरण तक में लोगों के प्रवेश के लिए आरोग्य सेतु एप अनिवार्य किया गया है। फिलहाल पूरे दिन में इक्का दुक्का लोग ही कार्यालयों आ रहे हैं।
विकास भवन में बृहस्पतिवार का नजारा बिल्कुल अलग था। अब पहले जैसी भीड़ नहीं हो रही है। सामाजिक दूरी का पालन करते हुए किसी कार्यालय में एक तो किसी में दो तो कहीं 4 कर्मचारी ही मिले। सीडीओ मधुसूदन हुल्गी प्रतिदिन सुबह 10 बजे के पहले ही कार्यालय पहुंचते हैं और रूटीन के कार्यों को निपटाते हैं। ऐसा ही हाल नगर निगम में है, यहां प्रतिदिन नगर आयुक्त गौरांग राठी कार्यालय में बैठते हैं। इस दौरान कोई पार्षद अपनी समस्या लेकर आता है तभी मुलाकात होती है। बिजली विभाग में भी हर अनुभाग को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। पहले जहां विभाग में भीड़ उमड़ती थी अब वहां सन्नाटा पसरा है।
कलेक्ट्रेट में 33 फीसदी कर्मचारियों को एक दिन में बुलाया जा रहा है। यहां फरियादी नहीं पहुंच रहे हैं, मगर आगामी दिनों में ढील के बाद भी बिना आरोग्य सेतु एप के कलेक्ट्रेट में प्रवेश नहीं मिलेगा। रायफल क्लब में जनसुनवाई के लिए फरियादी को बाहर रोका जाएगा और एक-एक कर सभागार में जाने की अनुमति होगी।
विकास प्राधिकरण कार्यालय में मुख्य द्वार पर स्वचालित हाथ धोने की मशीन लगाई गई है। इसमें पैर से पैडल दबाने पर साबुन और पानी निकलता है। हाथ धोने के बाद सेनेटाइजर लगाकर ही अंदर प्रवेश दिया जा रहा है। कर्मचारियों की बैठने की व्यवस्था में बदलाव किया गया है।