चार साल पहले छह लोगों की मौत हुई थी
पितरकुंडा क्षेत्र में अवैध तरीके से पटाखे बनाने के दौरान 25 अक्तूबर 2016 को आग लगने से छह लोगों की मौत हो गई थी। इस दौरान एक महीने के भीतर पितरकुंडा क्षेत्र में पटाखों के अवैध भंडारण के कारण तीन बार धमाके हुए थे। इसी तरह से 24 अक्तूबर 2018 को अवैध तरीके से पटाखे बनाने के दौरान लहरतारा पुल के समीप स्थित एक मकान में एक बच्ची सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2009 में लोहता थाना अंतर्गत अलावल में पटाखा बनाने के दौरान पिता-पुत्र की मौत हो गई थी। इन घटनाओं के बावजूद पुलिस-प्रशासन के अधिकारी चेत नहीं रहे हैं और पटाखे का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।
अवैध तरीके से पटाखा बनाने, भंडारण करने और बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश सभी थानेदारों और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को दिया गया है। इस संबंध में किसी भी किस्म की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अमित पाठक, एसएसपी