सारनाथ के कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या में वांछित शूटर बनारसी यादव और अरविंद यादव उर्फ फौजी उर्फ कल्लू पर इनाम की राशि एक-एक लाख कर दी गई है। दोनों शूटरों के साथ ही कमिश्नरेट में एक-एक लाख के चार इनामी आरोपी हो गए। पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह के चचेरे भाई सतीश सिंह की हत्या का आरोपी चौबेपुर के धौरहरा निवासी इंद्रदेव सिंह उर्फ बीकेडी पर एक लाख का इनाम है।
रोहनिया क्षेत्र में दरोगा अजय यादव के सीने में गोली मारकर पिस्टल लूटने वाले बिहार निवासी लल्लन सिंह पर भी एक लाख का इनाम है। डेढ़ दशक से फरार मुख्तार अंसारी गिरोह के शूटर गाजीपुर के रहने वाले पांच लाख के इनामी बाबू उर्फ उताउर्रहमान और शहाबुद्दीन है, जो भेलूपुर थाना क्षेत्र से वांछित है।
वहीं, 50-50 हजार इनामी में कोतवाली के कपिलेश्वर गली निवासी विश्वास नेपाली, चौबेपुर के पचरावा धन्नीपुर का रहने वाला अजीम अहमद, चोलापुर के गोसाईपुर निवासी सुनील यादव, हत्या मामले में जिला अस्पताल से भागा लखनऊ का रहने वाला मुख्तार शेख उर्फ सलीम है। वहीं, जंसा के दीनदासपुर निवासी मनीष सिंह पर 25 हजार का इनाम है।
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पूर्व में कैंट थाने से 50 हजार का इनाम था। कोविड काल में मुंबई से मनीष की गिरफ्तारी के बाद से इनाम राशि समाप्त हुई और अब जंसा के अस्पताल संचालक उदय वर्मा से एक करोड़ की रंगदारी मांगने में मनीष सिंह पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। यह मनीषा कोईराला के सचिव अजीत देवानी की हत्या में आरोपी है। क्राइम ब्रांच और एसटीएफ को भी इसकी तलाश है। पिछले माह रंगदारी के आरोपी मनीष के भाई सचिन सिंह को जंसा पुलिस ने मुंबई के मांटूगा रोड से गिरफ्तार किया था।
एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि गैर जनपद के जेल में बंद एक कुख्यात अपराधी का संरक्षण मनीष को मिला है। पुलिस के अनुसार इन मोस्ट वांटेड अपराधियों का लोकेशन हाल में वाराणसी समेत पूर्वांचल तक में नहीं मिली है। अधिकतर आरोपियों की फोटो और परिजनों तक की कोई थाह नहीं है।