कपड़े पर जीएसटी लगाने के विरोध में बनारस वस्त्र उद्योग एसोसिएशन और बनारस साड़ी डीलर एसोसिएशन के नेतृत्व में कपड़ा व्यवसायियों ने दुकानें और कारखाने मंगलवार से बंद कर दिए हैं।
तीन दिवसीय बंदी के तहत पहले दिन करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। रेशम, जरी, कलाबत्तू के व्यापारियों ने बंदी को समर्थन दिया। अपनी दुकानें बंद रखीं।
चौक क्षेत्र में रानी कुआं, लक्खी चौतरा, नंदन साहू लेन, कुंज गली सत्ती चौतरा, ठठेरी बाजार में साड़ी की दुकानों के शटर गिरे रहे। व्यापारियों ने विभिन्न इलाकों में जाकर दुकानें बंद कराई मदनपुरा, बड़ी बाजार इलाकों में भी दुकानें नहीं खुलीं।
थोक कपड़ा मार्केट पर भी असर पड़ा। बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन के संरक्षक अशोक धवन ने बताया कि साड़ी व्यापारियों में सरकार के इस फैसले से नाराजगी है। कुटीर उद्योग होने के कारण इससे लोग किसी तरह जीवनयापन कर रहे हैं। इस पर जीएसटी अव्यवहारिक है।
उधर, चौक स्थित अग्रवाल भवन में साड़ी व्यवसायियों की बैठक हुई। अगले दो दिनों तक हड़ताल की सफलता के लिए रणनीति बनाई गई।
जरी व्यापार मंडल तथा काशी कलाबत्तू कुटीर उद्योग मंडल के नेतृत्व में संबंधित कारोबारियों ने व्यापार बंद रखा। एरिया खोजापुरा, उस्मानपुरा, जलालीपुरा, सलारपुरा तथा हनुमान फाटक में कारखाने बंद रहे। मंडल के संरक्षक घनश्याम जायसवाल ने बंदी को सफल बताया।
थोक वस्त्र व्यवसायी समिति की ओर से जुलूस निकाला गया। जुलूस बांसफाटक से शुरू हुआ और नीचीबाग, बुलानाला, चौक, मैदागिन, कबीरचौरा, लहुराबीर, नई सड़क, गोदौलिया होते हुए वहीं पर समाप्त हुआ।