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न्याय और न्यायालय से भरोसा उठने ना पाए इसलिए न्यायिक जांच जरूरी

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दानगंज। लखनऊ में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बदमाश गिरधारी विश्वकर्मा उर्फ कन्हैया उर्फ डॉक्टर के प्रकरण की प्रदेश सरकार की न्यायिक जांच की घोषणा पर उसके परिजनों ने कहा कि जब तक सच सामने नहीं आ जाता तब तक हम लड़ते रहेंगे। गिरधारी की हत्या की गई है और दोषी पुलिसकर्मियों को इसके लिए सजा मिलनी ही चाहिए। न्याय और न्यायालय से भरोसा उठने ना पाए इसके लिए न्यायिक जांच जरूरी है।
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मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख अजीत सिंह और सारनाथ क्षेत्र के नितेश सिंह उर्फ बबलू की हत्या सहित कई अन्य आपराधिक घटनाओं का आरोपी गिरधारी चोलापुर थाना अंतर्गत लखनपुर गांव का रहने वाला था। बीते दिनों वह लखनऊ में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। मंगलवार को गिरधारी के भाई राकेश ने कहा कि पुलिस कस्टडी रिमांड में आरोपी के अधिवक्ता को उससे दूर कर रात में उसका भागना दिखा कर उसकी हत्या कर दी गई। यदि गिरधारी बदमाश ही था तो अदालत उसे सजा देती। भले ही वह सजा फांसी की ही क्यों न होती लेकिन हमें मंजूर होती। राकेश ने कहा कि जिस तरह से गिरधारी को मारा गया है वह जघन्यतम अपराध की श्रेणी में आता है। न्यायिक आयोग के सामने हम पेश होंगे और अपना पक्ष रख कर बताएंगे कि गिरधारी के साथ गलत हुआ है और उसकी कसूरवार पुलिस है।
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