वाराणसी। जैन मुनि प्रमाण सागर एवं अरह सागर ने कहा कि भगवान के चरणों में जाना चाहते हो तो पुजारी बनकर जाओ, भिखारी बनकर नहीं। जीवन में हमेशा सुखी रहना चाहते हैं तो कभी आवश्यकता को आकांक्षा में परिवर्तित ना होने दें।
मंगलवार को श्री दिगंबर जैन समाज की ओर से भेलूपुर स्थित जैन मंदिर में धर्मोपदेश दे रहे थे। मुनिश्री ने कहा कि क्रोध पर नियंत्रण प्राप्त करने केलिए क्रोध के प्रति जागरूक होना जरूरी है। अप्रैल माह से भारत में कोरोना का असर कम हो जाएगा। देश की समस्याएं समाप्त होंगी। प्रात: काल जैन मुनि ने तीर्थंकरों का अभिषेक एवं कोरोना महामारी को दूर करने केलिए शांति धारा करवाई।
शाम को लाइव प्रसारण के जरिए देश भर के श्रद्धालुओं की शंका का समाधान किया गया। संचालन रुपेश व सारांश ने किया। इस दोरान पं. फूलचंद प्रेमी, प्रो. अशोक जैन, प्रो. कमलेश जैन, आकाश जैन का सम्मान किया गया। इस दौरान दीपक जैन, राजेश जैन, सौरभ जैन, संजय जैन, अरुण जैन, विनोद जैन मौजूद रहे।