नेवादा गांव निवासी शिक्षक भैयालाल की पत्नी पार्वती देवी की हत्या जमीन न बेंचने के कारण की गई थी। यह खुलासा करते हुए शनिवार को पुलिस ने पार्वती देवी को गोली मारने वाले नेवादा सालिवाहनपुर गांव निवासी अमरनाथ यादव को वारदात में प्रयुक्त तमंचा के साथ गिरफ्तार किया। वहीं, वारदात के मास्टरमाइंड अश्वनी की पुलिस को तलाश है।
बीते 19 जून की रात बड़ागांव थाना अंतर्गत नेवादा गांव की पार्वती देवी की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। प्रकरण में गांव निवासी दो भाइयों को नामजद किया गया लेकिन उनके खिलाफ पुलिस को कोई साक्ष्य नहीं मिला। बड़ागांव थानाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह ने बताया कि पार्वती देवी के पति सीधे-सादे हैं और दोनों नि:संतान थे। इसी वजह से रिश्तेदारी की एक लड़की को गोद ले रखे थे। पार्वती देवी को अपनी संपत्ति से प्रेम था। नेवादा गांव का अश्वनी कुछ वर्ष पहले पार्वती देवी की सात बिस्वा खरीदा था। पार्वती देवी की कुछ और जमीन वह खरीदना चाहता था लेकिन वह बेंचने को तैयार नहीं थीं। इसके लिए अश्वनी अक्सर पार्वती देवी पर जमीन बेचने का दबाव भी बनाता था, लेकिन वह उसकी बात नहीं मानती थीं। इसी बात से नाराज होकर अश्वनी ने अपने दोस्त अमरनाथ के साथ मिलकर पार्वती की हत्या की साजिश रची। बीते 19 जून की रात जब पार्वती घर में पड़ोस की ही वृद्धा के साथ अकेली सोयी हुई थी तो अश्वनी ने अमरनाथ को 315 बोर का तमंचा देकर हत्या करने के लिए भेजा। थानाध्यक्ष बड़ागांव ने बताया कि वारदात का खुलासा करने में सर्विलांस की अहम भूमिका रही। एक फोन कॉल के आधार पर कड़ी से कड़ी मिलाकर पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर अमरनाथ को गिरफ्तार किया गया है। उधर, अमरनाथ ने बताया कि उसे पार्वती देवी की हत्या के लिए अश्वनी ने पैसा देने को कहा था। वारदात में गांव के दो अन्य लोग नामजद हो गए तो वह सामान्य तरीके से ही रह रहा था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उसके घर से भूसे के ढेर में छुपा कर रखा हुआ तमंचा बरामद किया। थानाध्यक्ष ने बताया कि वारदात के मास्टर माइंड अश्वनी की गिरफ्तारी के लिये टीम दबिश दे रही है। अश्वनी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में एसआई सत्यप्रकाश सिंह, अतुल मिश्र, मो. अहमद, सौरभ कुमार, प्रवीण कुमार, दिवाकर वत्स आदि शामिल रहे।