शासन की ओर से 527 करोड़ की लागत से 13 पुराने वार्ड में 200 किमी सीवर लाइन बिछाई जाएगी। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने पहले चरण में 18 पुराने वार्डों में नई पाइप लाइन बिछाने का निर्णय लिया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि बाकी बचे वार्डों में नई सीवर लाइन बिछाने के प्रस्ताव को इसी सप्ताह कैबिनेट से मंजूरी मिलेगी। ऐसे में हुकूलगंज, नई बस्ती, प्रहलाद घाट, कृतिवाशेश्वर, शिवपुरवा, तुलसीपुर, बिरदोपुर, काजीपुरा, शिवाला, नगवां, बागाहाड़ा , जंगमबाड़ी, बंगाली टोला वार्ड के 100 मोहल्लों की चार लाख से अधिक आबादी लाभांवित होगी। पाइपलाइन ट्रांस लेस विधि से बिछाने का निर्णय लिया गया है। गड्ढा कर पूरी गली में नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
जलनिकासी के लिए 200 साल पुराने शाही नाले पर निर्भर
जलनिकासी के लिए शहर 200 साल पुराने ड्रेनेज व सीवरेज सिस्टम (शाही नाले) पर निर्भर है। ड्रेनेज व सीवरेज के लिए नगर निगम के पास शाही नाले का कोई विकल्प नहीं है। शाही नाला व ब्रिटिश के जमाने में बने ईंट के नाले बनारस का बैक बोन माना जाता है। पुराने मोहल्लों में अंग्रेजों के जमाने की सीवर पाइप लाइन होने के कारण जाम व ओवरफ्लो की समस्या रहती है।
गंगा घाटों किनारे सीवर जाम की समस्या
खास तौर पर गंगा घाटों के किनारे के मोहल्लों में सीवर जाम रहता है। इसे देख नगर निगम ने 18 वार्डों में सीवर की पाइपलाइन बदलने का निर्णय लिया था। मेयर के निर्देश पर जल निगम ने सर्वे कराया था। निगम ने विस्तृत डीपीआर शासन को भेजा था। मेयर की ओर से लगातार समीक्षा की जा रही थी। शासन ने बनारस की सीवर व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जल निगम के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।