शहर के प्रमुख बाजारों में ही महिलाओं के लिए यूरिनल नहीं है। चेतगंज बाजार का भी वही हाल है जो अन्य इलाकों का है। इस मार्ग पर कई बालिका इंटर कॉलेज है। यूरिनल नहीं होने से न केवल दुकानदारों, बल्कि खरीदारी करने वालों को भी दिक्कत होती है। महिलाएं झिझक के चलते कुछ बोल नहीं पाती हैं। महिलाएं तो रेस्टोरेंट, होटल या कांप्लेक्स में जाने को मजबूर हैं।
नगर निगम की ओर से साफ सफाई का दावा तो किया जाता है, लेकिन नगर निगम की ओर से बने शौचालय और यूरिनल में साफ-सफाई न होना भी बड़ी समस्या है। महिलाएं यहां जाने से कतराती हैं। कई जगहों पर ताला बंद है। इसके चलते दिक्कत और बढ़ जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए अब तक कोई ठोस प्लानिंग नहीं की गई है। इस बारे में अपर नगर आयुक्त देवीदयाल वर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में कई यूरिनल बनाए जाएंगे। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। फिलहाल पुराने शौचालय और यूरिनल की सफाई का जिम्मा दिया गया है। कुछ जगहों पर स्थान चिह्नित हो गए हैं। जल्द ही महिलाओं के लिए अलग से यूरिनल व्यवस्था कराई जाएगी।