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वाराणसी: नए साल में कैंट स्टेशन को मिल सकते हैं कई तोहफे, मंडुवाडीह स्टेशन से भी लोगों को है ये आस

Mon, 28 Dec 2020 11:11 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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कैंट रेलवे स्टेशन - फोटो : अमर उजाला।
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नए साल में वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को कई सुविधाएं मिलने वाली हैं। स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों पर स्वचालित सीढ़ियां लग जाएंगी। वहीं प्लेटफार्म संख्या 4-5 पर लिफ्ट का काम अंतिम चरण में हैं। जबकि प्लेटफार्म संख्या नौ पर एक और फुटओवर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा, ताकि छावनी क्षेत्र से आने जाने वाले यात्रियों को राहत मिल सके।

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छावनी की तरफ से दूसरे प्रवेश द्वार के विस्तार को लेकर भी रक्षा मंत्रालय और रेलवे से वार्ता सार्थक हो रही है। वहीं नए साल में यार्ड रिमॉडलिंग कार्य होने से आउटर पर ट्रेनें नहीं पिटेंगी। प्लेटफार्म छोटा होने से बाहर तक खड़ी होने वाली ट्रेन के यात्रियों की समस्याएं खत्म हो जाएंगी।



कैंट रेलवे स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार के पास नई बिल्डिंग का निर्माण भी अंतिम चरण में है। इस भवन में पहले से ही जीआरपी थाने को स्थानांतरित किया जा चुका है। यात्रियों की सुविधाओं को लेकर नए भवन में मदर रूम भी बनाया जा रहा है। सबसे बड़ा वातानूकूलित यात्री हाल भी बनाया जा रहा है। रेलवे का प्रयास यह है कि यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी करते हुए ट्रेनों की गति बढ़ाई जाए। हालांकि शिवगंगा एक्सप्रेस की गति प्रयागराज-गाजियाबाद सेक्शन में 130 किमी की गति कर दी गई है। आने वाले समय में जल्द ही अन्य ट्रेनों की गति बनारस से ही नई दिल्ली तक की 130 किमी प्रति घंटे की जाएगी।

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कैंट स्टेशन निदेशक आनंद मोहन ने बताया कि प्लेटफार्म नंबर एक पर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित रेस्टोरेंट और नई भवन में वेटिंग लाउंज आदि की सुविधाएं नए साल में यात्रियों को मिलने लगेगी। सीढ़ियों पर चढ़ने-उतरने की समस्या खत्म होगी और स्वचालित सीढ़ियों के सहारे यात्री चढ़-उतर सकेंगे। मौजूदा समय में मुख्य द्वार, 9 नंबर और प्लेटफार्म नंबर 4-5 पर स्वचालित सीढ़ी की सुविधाएं यात्रियों को प्रदान की गई हैं।

नए साल में मंडुवाडीह से बनारस स्टेशन की आस
पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ अशोक कुमार ने बताया कि मंडुवाडीह स्टेशन का नाम बनारस कर दिया गया है, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से बनारस को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। लेकिन यह उम्मीद है कि रेलवे बोर्ड से जल्द ही आदेश जारी होने पर नए साल में मंडुवाडीह का नाम बनारस हो जाएगा। बनारस स्टेशन को लेकर स्टेशन कोड बीएसबीएस भी तैयार कर लिया गया है। वहीं वाराणसी सिटी स्टेशन के पास वाशिंग लाइन व शेड का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है जहां कम समय में ट्रेनों की धुलाई हो सकेगी।
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