जीएसटी में मनोरंजन कर भले कम कर दिया गया हो लेकिन इसका लाभ वाराणसी की जनता को नहीं मिल रहा है। केबल ऑपरेटर उपभोक्ताओं को पुराने शुल्क के अनुसार बिल पकड़ा रहे हैं। जबकि टीवी केबल पर जीएसटी केवल 18 फीसदी ही है।
इसके पहले मनोरंजन कर और सर्विस टैक्स मिलाकर लगभग 45 प्रतिशत टैक्स था। पुराना शुल्क लेने पर केबल ऑपरेटरों का कहना है कि पहले कच्चे बिल पर काम होता था। टैक्स बढ़ने के बावजूद आम जनता से इसे न लेकर इधर-उधर से मैनेज किया जाता था।
अब जीएसटी में सारा काम पक्के बिल पर होगा। टैक्स में कमी तो आई है लेकिन पक्के बिल पर काम की वजह से जनता को फायदा देने पर उनका नुकसान होगा। वहीं प्रशासनिक अमला इस पर चुप्पी साधे है।
डेन काशी के प्रबंधक निदेशक धर्मेंद्र सिंह दीनू ने बताया कि टैक्स कम होने का लाभ आम जनता को मिलेगा जरूर पर कितना फायदा मिलेगा यह तय नहीं है। चैनल के अपने शुल्क आदि जोड़कर जल्द व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।
उधर, सिटी चैनल के संचालक आलोक पारिख ने बताया कि अभी शुल्क में बदलाव नहीं किया गया है। इस पर मंथन चल रहा है। कहा कि पक्के बिल पर काम करना है। इस वजह से केबल ऑपरेटर बहुत छूट देने की स्थिति में नहीं हैं।