उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए टिकट बंटवारे के बाद पूर्वांचल में हो रहे भारी विरोध को शांत करने के उद्देश्य से बनारस पहुंचे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश प्रभारी ओम माथुर को पार्टी कार्यकर्ताओं के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। भाजपा कार्यकर्ताओं ने दोनों प्रमुख नेताओं के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए।
उन्होंने काशी क्षेत्र के प्रभारी सुनील ओझा पर पैसे लेकर टिकट बांटने का आरोप लगाया। आलम यह रहा है कि बाबतपुर एयरपोर्ट से शुरु हुआ विरोध प्रदर्शन पूरे शहर में जारी रहा।
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कई जगहों पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने केशव प्रसाद मौर्य का काफिला रोककर नारेबाजी की और पार्टी के टिकट बंटवारे को भेदभावपूर्ण बताते हुए कई सीटों से पार्टी प्रत्याशियों को बदलने की मांग की। पार्टी कार्यकर्ताओं की इस मांग को केशव प्रसाद मौर्य ने यह कहकर खारिज कर दिया कि भाजपा विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी के बल पर नहीं बल्कि संगठन के बल पर विजय की ओर आगे बढ़ेगी।
सबसे ज्यादा विरोध शहर दक्षिणी के विधायक श्यामदेव राय चौधरी दादा के टिकट काटे जाने का हो रहा है। इसको देखते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दादा को मनाने के लिए उनके घर पहुंचे। खबर लिखे जाने तक दोनों के बीच बातचीत जारी है।
काशी क्षेत्र की आपात बैठक बुलाई गई
केशव मौर्य का विरोध करते कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले पूर्वांचल में टिकट वितरण के बाद पार्टी में उपजे असंतोष को शांत करने के लिए काशी क्षेत्र की आपात बैठक बुलाई गई। इसमें हिस्सा लेने के लिए प्रदेश प्रभारी ओम माथुर और केशव प्रसाद जैसे ही बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका कड़ा विरोध किया।
भाजपा कार्यकर्ता ओम माथुर के सामने जमीन पर लेट गए। उन्होंने सबसे ज्यादा विरोध वाराणसी में शहर दक्षिणी सीट से निवर्तमान विधायक दादा का टिकट काटने का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के सह प्रभारी सुनील ओझा ने पैसे लेकर टिकट बांटे हैं।
कार्यकर्ताओं के भारी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पंडाल में होने वाली बैठक को बंद कमरे में कर दिया गया। इस समय बैठक अंदर चल रही है और बाहर भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें केवल बड़े पदाधिकारी मौजूद हैं। पुलिस मौके पर तैनात है।
पार्टी संगठन के बल पर विजय की ओर आगे बढ़ेगी : केशव मौर्य
Keshav Prasad Maury
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा कार्यकर्ताओं के इस भारी विरोध प्रदर्शन के बाद केशव प्रसाद मौर्य ने बैठक में कहा कि आज जो लोग परिवार नहीं संभाल पा रहे हैं, वे प्रदेश को संभालने का दावा कर रहे हैं।
कहा कि यह समय जातिवाद की राजनीति करने वाले, गुंडों और भ्रष्ट्राचार का संरक्षण करने वाले, अन्नदाताओं के साथ खिलवाड़ करने वाले को जवाब देने का है। इसलिए कार्यकर्ता एकजुट रहें। उन्होंने कहा कि पार्टी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी के बल पर नहीं बल्कि संगठन के बल पर विजय की ओर आगे बढ़ेगी।
बता दें कि इसमें काशी क्षेत्र के 15 जिलों के पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशियों का विरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
सबसे ज्यादा विरोध कैंट, रोहनिया और शिवपुर विधानसभा सीटों पर हो रहा है। शुक्रवार को कैंट क्षेत्र से भाजपा के घोषित सौरभ श्रीवास्तव के विरोध के शहर के कई इलाकों में पोस्टर लगाए गए।
दादा के घर पहुंचे केशव प्रसाद मौर्य
- फोटो : अमर उजाला
इस पोस्टर में खुद को कैंट विधानसभा क्षेत्र का मतदाता बताने वाले एक व्यक्ति ने वाराणसी से सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे निर्वतमान विधायक ज्योत्स्ना श्रीवास्तव के बेटे को हटा दें। इस पोस्टर में आरोप लगाया गया है कि सौरभ श्रीवास्तव एक भूमाफिया, व्यभिचारी, अहंकारी व्यक्ति हैं।
कहा कि सौरभ श्रीवास्तव का परिवार पिछले 27 सालों से विधायक है लेकिन उपलब्धि के रुप में बताने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने पीएम मोदी से सवाल किया कि क्या सचमुच इस परिवार को झेलना भाजपा के कार्यकर्ताओं और मतदाताओं की बेबसी है ?
उधर, प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय पर भी आज भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री से अपील की कि शहर दक्षिणी से जिस प्रत्याशी को उतारा गया है, उसने कभी भी जमीनी स्तर पर काम नहीं किया है। इसलिए शहर दक्षिणी से घोषित प्रत्याशी को वापस लिया जाए।