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बीएचयू अस्पताल में ऑपरेशन के बाद मौतों की वजह कहीं ये तो नहीं

Fri, 09 Jun 2017 12:39 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल का बंद आपरेशन थिएटर - फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में ऑपरेशन के बाद 24 घंटे के भीतर तीन मरीजों की मौत और आठ मरीजों की हालत खराब होने से खलबली मच गई है। ऑपरेशन के बाद जिन मरीजों की हालत बिगड़ी थी, उनमें छह अब भी आईसीयू में भर्ती हैं। इनमें एक वेंटिलेटर पर है।
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अस्पताल प्रशासन ने अभी तक इन मौतों की वजह नहीं बताई है। चिकित्सा अधीक्षक ने तीन मौतों की पुष्टि करते हुए इसका कारण बेहोशी के लिए लगाए जाने वाले इंजेक्शन आईसोफ्लोरेन की गुणवत्ता सही न होने और ओवरडोज होने की आशंका जताई है।

इसके अलावा नाइट्रस आक्साइड गैस में गड़बड़ी की आशंका के कारण उसे सील करा दिया गया है। पूरे मामले की जांच के लिए आठ सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी 48 घंटे में रिपोर्ट सौंपेगी। इस बीच बेहोश कर किए जाने वाले सभी ऑपरेशन 10 जून तक बंद कर दिए गए हैं।
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 गौरतलब है कि छह जून की रात 11:55 बजे अस्पताल की ओटी में राधेश्याम त्रिपाठी (56) के यूरोलॉजी कैंसर का ऑपरेशन किया गया जबकि सात जून को शाम चार बजे मिराज अहमद (40) की किडनी की पथरी और रात 11:20 बजे आरती देवी (45) के ब्रेस्ट कैंसर का ऑपरेशन हुआ था।

इन तीनों मरीजों की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई थी। इसके बाद मरम्मत के नाम पर आठ और नौ जून को दो दिन के लिए सभी 23 ऑपरेशन थिएटर बंद कर दिए गए थे। गुरुवार सुबह से रात 11 बजे तक कोई ऑपरेशन नहीं हुआ।

 चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय ने गुरुवार दोपहर आपात बैठक की। शाम को कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी, कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीबी सिंह अस्पताल पहुंचे।

बाद में देर रात कुलपति ने अस्पताल के सभी विभागों के विभागाध्यक्षों की बैठक के बाद जनरल सर्जरी शुरू हो गई। इस बीच कमिश्नर ने सीएमओ को जिले के मंडलीय, जिला अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखने का निर्देश दिया है।
 
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बढ़ गई मरीजों के लिए मुसीबत

सर सुंदर लाल अस्पताल में मरीज - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में अस्पताल प्रशासन की ओर से बुधवार की देर रात अचानक मेजर आपरेशन के सभी आपरेशन थिएटर बंद करने के निर्देश से मरीज हैरान रह गए। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ओटी में हुईं मौतों के बाद एहतियात के तौर पर मेंटेनेंस और उपकरणों के तकनीकी उन्नयन के लिए ऐसा किया गया है। इस पर मरीज और तीमारदार सवाल उठा रहे हैं।

उनका कहना है कि मरम्मत या बेहतर रखरखाव के लिए ऐसा किया गया है तो 23 आपरेशन थिएटरों में बारी-बारी से यह काम कराया जा सकता था। एक साथ सभी आपरेशन थिएटर बंद करने का क्या औचित्य है।

जिन मरीजों के गुरुवार, शुक्रवार या फिर शनिवार को आपरेशन की तारीख मिली थी, वे परेशान दिखे। उनका कहना था कि देर रात अचानक पता चला कि सभी आपरेशन थिएटर बंद कर दिए गए हैं। दस जून तक अब कोई आपरेशन नहीं होगा।

बता दें कि बीएचयू में हर दिन यूपी, बिहार, झारखंड, नेपाल आदि जगहों से ओपीडी में करीब तीन हजार से अधिक मरीज आते हैं और हर दिन करीब 100 से अधिक आपरेशन होते हैं। अस्पताल प्रशासन घटना के बाद आपरेशन थिएटरों के बंद करने की वजह चाहे जो बताए लेकिन इससे मरीजों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है।

आपरेशन की तारीख आगे बढ़ने से सैकड़ों मरीज प्रभावित होंगे। जिन मरीजों का आपरेशन टला है, उन्हें अब दस के बाद की तारीख दी जाएगी और उस दौरान जिनके आपरेशन होने थे, उनका भी इंतजार बढ़ जाएगा।

अस्पताल सूत्रों का कहना है कि घटना के बाद संक्रमण आदि पहलुओं पर भी जांच की जानी है। जांच के लिए ही ओटी बंद कराए गए हैं। 
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