न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर कचहरी परिसर में निकाला जुलूस
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वाराणसी में बीती रात विवादित जमीन मामले में सेंट्रल बार के उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार सिंह उर्फ मंटू के ऊपर हुए प्राणघातक हमले के विरोध में कचहरी में सोमवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर दिया।
इसके पूर्व अधिवक्ता अमित सिंह के प्रस्ताव पर सेंट्रल व बनारस बार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक सेंट्रल बार के सभागार में आहूत की गयी। बैठक की अध्यक्षता सेंट्रल बार अध्यक्ष अशोक सिंह प्रिंस व संचालन महामंत्री ओमप्रकाश पांडेय ने किया।
बैठक में अधिवक्ताओं ने मंटू सिंह पर हुए प्राणघातक हमले की निंदा करते हुए तत्काल हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की। ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रभावी कदम उठाने की बात कही। इसके बाद अधिवक्ताओं ने सेंट्रल बार अध्यक्ष के नेतृत्व में पूरे परिसर में जुलूस निकाला।
सेंट्रल बार अध्यक्ष ने कहा कि अधिवक्ता समाज के महत्वपूर्ण अंग हैं और मंटू सिंह के साथ हम सभी जी-जान से खड़े हैं। प्रशासन उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करे और दोषियों के साथ पुलिस सख्ती से पेश आए।
न्यायालय के आदेश का पालन नहीं हुआ तो करेंगे उपवास
अधिवक्ता महेंद्र कुमार सिंह उर्फ मंटू सिंह
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अधिवक्ता महेंद्र कुमार सिंह उर्फ मंटू सिंह ने सोमवार को ‘अमर उजाला’ से कहा कि न्यायालय का आदेश यथास्थिति बरकरार रखने का है। प्रशासन आदेश का पालन करते हुए मड़ई जहां थी वहीं फिर से खड़ी कराए, अन्यथा बुधवार से वो मड़ई वाली जमीन में अपनी तीन गायों और दो बछड़ों के साथ उपवास पर बैठेंगे। वैसे उनका मानना है कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर बड़ा बवाल बचा लिया।
नहीं खदेड़ा जाता जल्द तो फूंक देते सिगरा थाना
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फातमान मार्ग पर रविवार की रात इकट्ठा होकर पथराव और तोड़फोड़ कर रहे लोगों को यदि पुलिस लाठीचार्ज कर जल्द न खदेड़ी होती तो सभी सिगरा थाना फूंक देते। भीड़ में शामिल लोगों का हिंसक रुख देखकर सोमवार को सिगरा थाना के पुलिसकर्मियों के बीच ऐसी चर्चाएं होती रहीं।
कहना था कि शुरुआत में भीड़ में शामिल लोगों की तुलना में पुलिस की संख्या बहुत कम थी और पथराव कर रहे लोग सिगरा थाना की ओर बढ़ रहे थे। इसी बीच फोर्स के साथ एसपी सिटी पहुंचे और उपद्रवियों को दौड़ाया गया तो थाने के आसपास का माहौल सामान्य हुआ।