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वाराणसी: भारतीय सैन्य ठिकानों की तस्वीरें भेजने वाला पाकिस्तानी खुफिया एजेंट गिरफ्तार

Tue, 21 Jan 2020 12:17 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंदौली
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राशिद अहमद - फोटो : amar ujala
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वाराणसी एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की वाराणसी इकाई ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट को चंदौली के पड़ाव क्षेत्र से सोमवार को गिरफ्तार किया। चंदौली के मुगलसराय थाना के चौरहट का रहने वाला राशिद अहमद  2018 में कराची में रहने वाली अपनी मौसी के यहां गया था।

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इसके बाद वहां आईएसआई के संपर्क में आया। मार्च 2019 से वह पैसे के बदले देश के महत्वपूर्ण स्थानों और सैन्य ठिकानों की तस्वीरें आईएसआई को भेजता था। एटीएस के इंस्पेक्टर शैलेन्द्र त्रिपाठी और उनकी टीम ने राशिद के मोबाइल से महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं।

राशिद को लखनऊ ले जाकर उससे पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार राशिद से पूछताछ के लिए मिलिट्री इंटेलिजेंस और आईबी की दो अलग-अलग टीमें लखनऊ स्थित एटीएस कार्यालय पहुंची हैं।

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कार्रवाई के बाद राशिद के घर के बाहर जुटी भीड़ - फोटो : ं

फेसबुक एकाउंट पर लिखा था ‘आई लव माई पाकिस्तान’, पीएम मोदी पर की थी अभ्रद्र टिप्पणी

पाकिस्तान की खुफिया जांच एजेंसी आईएसआई को भारत के विभिन्न स्थानों व आर्मी कैंपों की सूचना देने के आरोप में पकड़े गए आरोपी राशिद अहमद अपने फेसबुक अकाउंट पर अक्सर पर ही पाकिस्तान के प्रति अपने प्रेम का खूब इजहार करता था।

उसके नाम से चल रहे फेसबुक अकाउंट पर राशिद ने हिंदी में ‘मै अपने पाकिस्तान से प्यार करता हूं’ और अंग्रेजी में आई लव माई पाकिस्तान लिखा है। यह पोस्ट उसने 22 अगस्त 2017 को दिन में लगभग 11 बजे दिन में किया था। उसने अपनी पोस्ट भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी कई अभद्र टिप्पणी की थी। उसने 16 जुलाई 2017 को एक पोस्ट की थी जिसमें उसने वेलकम टू पाकिस्तान लिखा था। उसने पाकिस्तान से लौटने के बाद 15 अक्टूबर 2017 को शुक्रिया पाकिस्तान भी लिखा है।

उसके फेसबुक पर पाकिस्तान से लगाव की कई बातें लिखी गई थी। फिलहाल खुफिया विभाग से लेकर एटीएस की टीम इसके अन्य कनेक्शनो को खंगालने में जुटी हुई है। साथ ही इसके फेसबुक से जुड़े अन्य लोगों के अकाउंट भी तलाशे जा रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया के माध्यम से किस-किस तरह से फेसबुक पेजों को लाइक करके रखा था उसके बारे में भी विवरण जुटाया जा रहा है।
 

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पाकिस्तान पासपोर्ट - फोटो : social media

आखिर पुलिस के निगाह से कैसे बच गया फेसबुक अकाउंट

कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन, स्थानीय विभिन्न एजेंसियां नियमित जांच, निगहबानी के अलावा सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखती है। पुलिस सोशल मीडिया पर होने वाले पोस्ट, शेयर मैसेज, फोटो, टिप्पणी पर निगहबानी करती है।

कई बार कार्रवाई भी की जाती है लेकिन सवाल यह है कि वर्ष 2017 से लगातार चौरहट जैसे संवदेनशील क्षेत्र से इस तरह की गतिविधियां संचालित होती रही, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी और बेखौफ राशिद अपने मंसूबे को अंजाम दे रह था।

बस से आए थे लोग एयरपोर्ट तक छोड़ने

राशिद की मां शहजादी के अनुसार वह दो बार उसकी बहन की बेटी की शादी में शामिल होने गया था। उसके साथ वह भी गई थीं। वहां उसे पहली बार काफी प्यार-दुलार मिला और लोग उसे बहुत मानते थे। यहां तक कि घर लौटते समय लोग उसे बस से एयरपोर्ट तक छोड़ने आए थे, लेकिन इसके पीछे क्या चल रहा था उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। वह तो शादी में शामिल होने के बाद लौट आई थीं। बेटा इस तरह का काम करेगा, यह जानकार पूरा परिवार सदमे में है।
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