नेशनल वाटरवेज-1 के तहत गंगा में इलाहाबाद से हल्दिया के बीच जलपरिवहन के लिए ढांचागत संसाधनों के विकास से जुड़ी योजनाएं दिसंबर 2018 तक पूरी कर लेने की तैयारी है। शुक्रवार को यहां आए इनलैंड वाटरवेज अथारिटी ऑफ इंडिया (आईडब्ल्यूएआई) के उच्चाधिकारियों ने बताया कि रामनगर में निर्माणाधीन मल्टी मॉडल टर्मिनल नवंबर 2018 तक तैयार हो जाएगा। पटना-बनारस के बीच रिवर इन्फार्मेशन सिस्टम भी मार्च 2018 तक काम करने लगेगा। 5370 करोड़ की इस पूरी परियोजना में अब तक दो हजार करोड़ रुपये के कार्यों के कांट्रैक्ट दिए जा चुके हैं। जल्द ही अन्य प्रस्तावित कार्यों का भी टेंडर कराने की तैयारी है।
इसी कड़ी में गंगा में लग्जरियस फ्लोटिंग होटल वाराणसी, इलाहाबाद, पटना, कोलकाता समेत उन छह शहरों में बनेंगे, जहां यात्रियों के लिए फेरी सर्विस शुरू करने की तैयारी है। आईडब्ल्यूएआई की सहमति के बाद इसकी कार्ययोजना दार ग्रुप बना रहा है। जिरास, रेडिसन सहित कई बड़ी होटल चेन कंपनियों ने इस योजना में रुचि दिखाई है।
वाराणसी आए आईडब्ल्यएआई के सदस्य वित्त और प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रवीर पांडेय ने रामनगर टर्मिनल का जायजा लिया। बताया कि रामनगर टर्मिनल के चालू होने के बाद एक हजार लोगों को प्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलेगा। मई 2016 में इसका निर्माण शुरू कराया गया था। वह गाजीपुर, खिड़किया घाट और जिउनाथपुर में निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति देखने भी पहुंचे। देशी-विदेशी एजेंसियों के साथ योजना पर चर्चा की। इस दौरान आईडब्ल्यूएआई वाराणसी और पटना के निदेशक रविकांत, उप निदेशक एके मिश्रा भी मौजूद थे। अफसरों ने काम की गुणवत्ता और उपयोगिता पर भी चर्चा की।