विमानन संचालन में रनवे पर लगी रोशनी केवल प्रकाश व्यवस्था नहीं, बल्कि विमान की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ से जुड़ी तकनीकी प्रणाली है। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट में रनवे एज और रनवे एंड लाइटों के लिए ऐसी बिजली व्यवस्था की जा रही है, जिसमें बिजली आपूर्ति बदलने के दौरान एक सेकंड के स्विचओवर का इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा।
एयरपोर्ट की इन महत्वपूर्ण लाइटों को ऑनलाइन यूपीएस से बिजली मिलेगी। जिससे मुख्य बिजली आपूर्ति में बाधा आने की स्थिति में भी इनकी निरंतरता बनाए रखने की व्यवस्था है। इसके मरम्मत और रखरखाव में 2.21 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार लो विजिबिलिटी ऑपरेशन के दौरान रनवे एज लाइट, रनवे एंड लाइट, रनवे गार्ड लाइट और रनवे विजिबिलिटी से जुड़े उपकरणों का निर्धारित मानक के अनुरूप काम करना जरूरी है।
रनवे एज और रनवे एंड लाइटों को ऑनलाइन यूपीएस से बिजली दी जाती है, इसलिए इनके लिए अलग से स्विचओवर समय लागू नहीं होता। पहले एक सेकंड का मानक था, लेकिन विस्तारीकरण के बाद अब ‘नो ब्रेक’ सप्लाई मिलेगी।
लो विजिबिलिटी ऑपरेशन में सामान्य तौर पर रनवे एज और एंड लाइटों के लिए बैकअप बिजली आपूर्ति का स्विचओवर समय अधिकतम एक सेकंड बनाए रखने की आवश्यकता होती है। वाराणसी एयरपोर्ट पर ऑनलाइन यूपीएस व्यवस्था के कारण इन महत्वपूर्ण लाइटों की बिजली आपूर्ति में स्विचओवर गैप से बचने की तकनीकी व्यवस्था की गई है। यानी बिजली के स्रोत में बदलाव की स्थिति में भी रनवे की महत्वपूर्ण रोशनी लगातार उपलब्ध रखने का प्रावधान है।