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वाराणसी एयरपोर्ट पर कार्यरत युवती से गैंगरेप, मुद्दा बनाने में जुटे राजनीतिक दल

Fri, 06 Apr 2018 12:43 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पर कार्यरत युवती से गैंगरेप की वारदात को भले ही होटल रेडिसन में अंजाम दिया गया है लेकिन इसे लेकर बाबतपुर एयरपोर्ट का माहौल गरमाया हुआ है। राजनीतिक दल इसे एयरपोर्ट की धांधलियों और विमानन कंपनियों की मनमानी से जोड़ कर देख रहे हैं। साथ ही, राजनीतिक दल गैंगरेप को मुद्दा बनाने में जुट गए हैं। 
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इस बीच एयरपोर्ट पर काम करने वाले ज्यादातर अधिकारी और कर्मचारी डरे-सहमे नजर आ रहे हैं। उन्हें आशंका है कि पुलिस किसी भी व्यक्ति से पूछताछ कर सकती है। दरअसल, अब तक के ज्यादातर मामले या तो पीड़ितों के चुप्पी साधने से या फिर किसी प्रभाव के कारण दब गए थे।

अब ये मामला पुलिस तक पहुंच गया है। हर कोई यह भी जानता है कि इस वारदात की पृष्ठभूमि कहीं न कहीं एयरपोर्ट पर ही है।   राजनीतिक दलों का मानना है कि अगर एयरपोर्ट की व्यवस्थाओं में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद नहीं होता तो हालात ऐसे नहीं होते।
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कहना है कि पूर्व में हुई इस तरह की घटनाओं पर कार्रवाई न होने से नियमों को तोेड़ने वालों का हौसला बढ़ता गया। गैंगरेप की वारदात और एयरपोर्ट पर तैनात कर्मियों की संलिप्तता इसीका नतीजा है। 

पूर्व सांसद तूफानी सरोज ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था की बदहाल स्थिति के साथ-साथ यह एयरपोर्ट पर अनियमितताओं का भी नतीजा है।

गैंगरेप मामले की जांच के साथ-साथ इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि एयरपोर्ट पर नियुक्तियों और ठेकों में किस-किस तरह की मनमानी की जाती है। कांग्रेस के पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों में कानून व्यवस्था का डर नहीं रह गया है। कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय ने भी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

उधर, मछलीशहर के सांसद और एयरपोर्ट सलाहकार समिति के चेयरमैन रामचरित्र निषाद का दावा है कि उन्होंने एयरपोर्ट निदेशक अनिल राय से बातचीत कर कहा है कि जिन भी विमानन कंपनियों के लोग इस शर्मनाक घटना में शामिल हैं, उन्हें निलंबित किया जाए।  
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बिजनेस पार्टनर बनाने के लिए बुलाया था

बाबतपुर एयरपोर्ट
वाराणसी कैंट पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि युवती को बिजनेस पार्टनर बनाने का झांसा देकर होटल में बुलाया गया था। डॉ. आशुतोष और सत्येंद्र ने उसे बताया था कि एयरपोर्ट पर लोडर का अलग काम नए सिरे से शुरू किया जाएगा। इस काम में जो भी मुनाफा होगा, उसके तीनों बराबर के हिस्सेदार होंगे। 

होटल रेडिसन में कई स्तर पर चूक 
एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि पीड़िता के बयान और होटल रेडिसन की सीसीटीवी फुटेज की तस्दीक की गई है। बताया कि होटल प्रबंधन ने कई स्तर पर चूक की।

जब युवती को नशे की हालत में कमरे में ले जाया जा रहा था तो सीसीटीवी कैमरे से निगरानी के बावजूद होटल प्रबंधन क्या कर रहा था। संदेह होने पर पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई। होटल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

बाबतपुर एयरपोर्ट गुरुवार को लगातार दूसरे दिन चिकित्सक विहीन रहा। चिकित्सा सेवा के नाम पर सब कुछ भगवान भरोसे चलता रहा। गनीमत रही कि किसी यात्री की तबीयत इतनी नहीं खराब हुई कि डॉक्टर की जरूरत पड़ती। डॉ. आशुतोष अस्थाना के स्थान पर अब तक नई तैनाती नहीं की गई।

 
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बगैर पास ही डॉ. आशुतोष आता-जाता था एयरपोर्ट

up police - फोटो : अमर उजाला
गैंगरेप का आरोपी डॉ. आशुतोष अस्थाना एयरपोर्ट के नियम-प्रावधानों की भी धज्जियां उड़ाता था। वह बगैर पास के ही रोजाना एयरपोर्ट में आता-जाता था। सुरक्षा व्यवस्था का मसला होने के नाते इसकी शिकायतें उच्चाधिकारियों तक भी पहुंचीं लेकिन जिम्मेदारों ने कार्रवाई नहीं की। 

सुरक्षा अधिकारी एसके चौहान कहते हैं कि जब से एयरपोर्ट पर उनकी तैनाती हुई है, कभी डॉ. आशुतोष का पास नहीं बनाया। वह एयरपोर्ट में कैसे आता-जाता था, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

उधर, डॉ. आशुतोष के बिना पास के एयरपोर्ट के अंदर आने-जाने का मामला सार्वजनिक होने पर पुलिस भी हैरत में है। माना जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवानों और एयरपोर्ट के उच्चाधिकारियों की मिलीभगत से ही बगैर पास के डॉ. आशुतोष एयरपोर्ट में प्रवेश करता था। जांच में पुलिस इस बिंदु को भी शामिल कर सकती है।

एयरपोर्ट निदेशक अनिल राय ने इस बारे में गोलमोल जवाब दिया। कहा कि मुलाकात होने पर इस मसले पर बातचीत होगी।


 
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