फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एयर शो से पहले घाटों की अग्निपरीक्षा: 29 दिन में बदलनी होगी 84 घाटों की सूरत, सिल्ट की परत हटाने की चुनौती

Thu, 24 Sep 2026 11:25 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में 22 से 25 अक्तूबर तक एयर शो होना है। उधर, गंगा का पानी उतरने के बाद नमो घाट से अस्सी तक घाटों पर मिट्टी, सिल्ट, मलबा और कचरा एकत्र है। ऐसे में नगर निगम के सामने 29 दिन में 84 घाटों से सिल्ट की परत हटाने की चुनाैती होगी। 
विज्ञापन
नमो घाट पर जमा सिल्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एक तरफ 22 से 25 अक्तूबर तक नमो घाट पर होने वाले एयर शो में करीब 20 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है, वहीं दूसरी तरफ बाढ़ के बाद घाटों की सफाई बड़ी चुनौती है। अगले 29 दिनों में घाटों को एयर शो के लिए तैयार करना नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती होगी। गंगा का पानी उतरने के बाद नमो घाट से अस्सी तक घाटों पर मिट्टी, सिल्ट, मलबा और कचरा एकत्र है। कई जगह सीढ़ियों और प्लेटफॉर्म पर मिट्टी और रेत की मोटी परत जम गई है। हालांकि, नगर निगम ने घाटों को 15 अक्तूबर तक एयर शो के लिए तैयार करने का दावा किया है। पानी घटने के साथ घाटों की सीढ़ियां दिखाई देने लगी हैं, लेकिन उन पर जगह-जगह सिल्ट और बाढ़ का कचरा जमा है। 

विज्ञापन


कुछ स्थानों पर करीब दो फीट तक मिट्टी की मोटी परत जमी है। गंगा पार भी सिल्ट और गंदगी है। कई घाटों की सीढ़ियां पहले से जर्जर हैं। कहीं सीढ़ियां टूटी हैं तो कहीं घाट के हिस्से धंसे हुए हैं। ऐसे में एयर शो के लिए सफाई के साथ इनकी मरम्मत भी जरूरी होगी। 

नगर निगम ने पानी उतरते ही घाटों पर सफाई शुरू कर दी है। मंगलवार को मणिकर्णिका घाट पर अभियान चलाकर करीब एक क्विंटल कचरा हटाया गया। बाढ़ की मिट्टी सूखने के बाद सीढ़ियों और पत्थर के प्लेटफॉर्म पर इसकी मोटी परत जम गई है। इससे फिसलन भी बढ़ गई है। 

विज्ञापन

इस पार जर्जर सीढ़ियां, उस पार रेती बढ़ाएंगी मुश्किलें
गंगा किनारे कई घाट ऐसे हैं जिनकी सीढि़या जर्जर हैं। बाढ़ की सिल्ट के कारण ढकी हुई हैं। सिल्ट हटने के बाद इनकी वास्तिविक स्थिति का पता लगेगा। नगर निगम को इन सीढि़यों और घाटों को ठीक कराना होगा। वहीं, उस पार रेती में भी व्यवस्थाएं मुश्किल खड़ी करेंगी। देव दीपावली पर सिर्फ दीये जलाने में ही काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। एयर शो में लोगों के बैठने की व्यवस्था करानी होगी। सिर्फ यही नहीं बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति के कारण मोबाइल टॉयलेट, पीने के लिए शुद्ध पेयजल आदि की व्यवस्था भी करनी पड़ सकती है।

सिर्फ सफाई नहीं, भीड़ प्रबंधन भी चुनौती
एयर शो में बड़ी संख्या में लोगों के घाटों पर पहुंचने की संभावना को देखते हुए सिर्फ सिल्ट हटाना पर्याप्त नहीं है। नगर निगम व जिला प्रशासन को यह भी तय करना होगा कि किस घाट पर कितनी भीड़ को रोका जा सकता है। प्रवेश और निकासी के रास्ते कौन से होंगे, लोगों की आवाजाही कैसे होगी और आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी की व्यवस्था क्या होगी, इसका भी आकलन करना होगा। घाटवार सफाई और मरम्मत की समय-सीमा तय करना भी जरूरी होगा।
विज्ञापन

नगर निगम का दावा 60 प्रतिशत घाटों पर हो रही सफाई, 15 अक्तूबर तक पूरा होगा काम
एयरशो की तैयारियों को लेकर नगर निगम की ओर 60 प्रतिशत घाटों पर सफाई कराने का दावा किया गया है। एयर शो को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। घाटों पर सिल्ट सफाई और गंदगी को हटाने के लिए मशीनें लगाई गई हैं। इस बार पानी जल्दी नीचे उतर गया है। 15 अक्तूबर तक सभी घाटों पर पूरी सफाई के साथ उन्हें कार्यक्रम योग्य बना दिया जाएगा। इस दौरान घाटों की सफाई के साथ दीवारों पर रंगरोदन, सजावट आदि भी कराई जाएगी।
 

एयर शो को लेकर घाटों को तैयार करना प्राथमिकता में है। निगम की ओर से बड़ी संख्या में कर्मी और मशीनें लगाकर घाटों की सिल्ट और गंदगी को हटाया जा रहा है। प्रयास है कि 15 अक्तूबर तक घाटों को कार्यक्रम के लिए तैयार कर दिया जाएगा। -हिमांशु नागपाल, नगर आयुक्त, वाराणसी

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें