होटल रमाडा के स्टोर रुम को ध्वस्त करती जेसीबी
- फोटो : अमर उजाला
लंबे इंतजार के बाद वीवरुणा नदी किनारे अवैध ढंग से कब्जा कर निर्माण कराने वालों के खिलाफ वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने लंबे समय बाद आखिरकार वरुणा नदी किनारे अवैध कब्जा कर बनाए गए निर्माणों पर कार्रवाई शुरू कर दी।
मंगलवार को पहले दिन नदी के डूब क्षेत्र के 50 मीटर के दायरे में आ रहे रमाडा होटल के अवैध निर्माण को ढहा दिया गया। आशीष सिंह और अरुण कुमार सिंह के अवैध निर्माण भी ध्वस्त कर दिए गए। वीडीए की ओर से लाल निशान लगाने के बाद ध्वस्तीकरण की यह पहली बड़ी कार्रवाई है।
कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप रहा। माना जा रहा है कि वीडीए का यह सिलसिला जारी रहेगा। वरुणा कॉरिडोर के 50 मीटर दायरे में हुए अवैध निर्माणों पर पिछले साल अमर उजाला ने सीरीज चलाई थी।
इसके बाद वीडीए, नगर निगम, सिंचाई विभाग और राजस्व विभाग ने संयुक्त रूप से कैंटोंमेंट से लेकर आदिकेशव सरायमोहाना तक वरुणा किनारे सर्वे किया। पाया गया कि वरुणा के डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण हुए हैं।
ऐसे 762 लोगों को नोटिस दिया गया। फिर भी इन पर कार्रवाई नहीं हो पाई, क्योंकि किसी न किसी कारण यह टलती रही। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने बाद सर्वे, चिह्नांकन और नोटिस की कार्रवाई के बाद वीडीए उपाध्यक्ष ने मंगलवार को अवैध निर्माण कराने वालों पर कार्रवाई शुरू करा दी।
नदी के तट से तलहटी तक अवैध निर्माणों पर होगी कार्रवाई
वीडीए की कार्रवाई
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खरे के नेतृत्व में वीडीए की टीम सुबह करीब नौ बजे रामाडा होटल पहुंच गई थी। वहां अवैध रूप से बने होटल के स्टोर को ढहाने की कार्रवाई शुरू होने पर अधिकारियों के आग्रह पर स्टोर में रखे क्रॉकरी और रसोई के सामान को बाहर करने के बाद जेसीबी से उसे ढहा दिया गया।
हालांकि होटल में कुछ और निर्माण पर लाल निशान लगे थे पर 50 मीटर के दायरे से बाहर होने की वजह से उसे ध्वस्त नहीं किया गया। इससे पहले टीम मेहता एंड ब्रदर्स (रेडिसन होटल के पीछे) के यहां पहुंची।
कार्रवाई की सूचना और लाल निशान लगने के बाद भवन स्वामी ने बाहर से गेट पर ताला लगा दिया था। इस दौरान किसी के ताला तोड़ने की जानकारी पर मौके पर पहुंचे भवन स्वामी ने आपत्ति जताई। क्षेत्रीय लोगों ने भी नाराजगी जताई।
हल्की नोकझोंक ओर हाथापाई की स्थिति देखते हुए उपाध्यक्ष ने कागजात के साथ भवन स्वामी को कार्यालय में आने को कहा। इसके बाद मामला शांत हो गया।
वीडीए के उपाध्यक्ष पुलकित खरे का कहना है कि अभी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई उन पर की जा रही है, जिन्होंने वरुणा कॉरिडोर के 50 मीटर दायरे में व्यावसायिक निर्माण कराए हैं। ऐसे होटलों, व्यावसायिक भवनों को छोड़ा नहीं जाएगा, जिन्होंने नदी के तट से तलहटी तक अवैध तरीके से निर्माण कर लिया है।