वाराणसी के भीम नगर में वरुणा नदी की तलहटी पाटने वाले होटल कारोबारी हीरालाल जायसवाल पर प्रशासन मेहरबान नजर आ रहा है। हीरालाल को वरुणा की तलहटी पाटने के मामले में खनन विभाग ने 36 लाख रुपये बतौर जुर्माना जमा करने का नोटिस भेजा था।
नोटिस के जवाब में तीन स्थानों से मिट्टी लाने की बात कही गई। जवाब दिए करीब महीने भर का समय हो चुका है लेकिन खनन विभाग की ओर से अब तक इन तीनों ही स्थानों का सत्यापन नहीं कराया गया है।
चंदौली के पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल के भाई होटल कारोबारी हीरालाल जायसवाल पर आरोप है कि उन्होंने भीम नगर में करीब तीन बीघा जमीन को पाटा है। हजारों डंफर मिट्टी कहां से लाई गई इस बाबत खनन विभाग ने हीरालाल को नोटिस भेजा है।
जवाब में बताया गया कि सिकरौल, प्रकाश टाकीज के मलबे और मिर्जापुर के चुनार से खान कर लाई गई मिट्टी से पटाई हुई है। हालांकि खनन की अनुमति संबंधी कागजात प्रशासन को नहीं दिए गए।
खनन विभाग को सत्यापन करने के बाद अगर मौके पर खुदाई नहीं मिलती तो नोटिस जारी कर जुर्माना लगाना चाहिए था लेकिन उसकी ओर से कोई पहल नहीं की गई है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही हीरालाल पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी। सावन में अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगने से काम प्रभावित हुआ है।
हीरालाल ने फर्जी तरीके से नगर निगम की करीब डेढ़ बीघा जमीन अपने नाम करा ली थी। डीएम योगेश्वर राम मिश्रा के निर्देश पर जमीन नगर निगम को वापस कराई गई।
मामले में एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय ने कहा कि हीरालाल जायसवाल की ओर से जो जवाब दिया गया है उसके समर्थन में कोई साक्ष्य नहीं दिए गए हैं। जुर्माना लगाने की कार्रवाई जल्द की जाएगी।