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Varanasi: 10 लाख के नकली नोट रखने के आरोपी को 10 साल की सजा, एटीएस ने 2012 में किया था गिरफ्तार

Sat, 01 Apr 2023 08:46 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

एडीजीसी ओंकार नाथ तिवारी के मुताबिक, पुलिस उपाधीक्षक एटीएस पूर्वी जोन अनुराग दर्शन ने 29 नवंबर 2012 को कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि भारतीय अर्थव्यवस्था को छिन्न-भिन्न करने के लिए जाली नोट के लेनदेन किया जाना था। सूचना के आधार पर ही होटल इंडिया के पास घेराबंदी की गई।
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नकली नोट। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अपर सत्र न्यायाधीश (पंचम) मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने 10 लाख रुपये के जाली नोट की बरामदगी के कैंट थाने के मामले में अभियुक्त बिहार के गया निवासी प्रभात कुमार अग्रवाल को दोषी पाया है। अदालत ने अभियुक्त को 10 वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई है। 70 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।

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एडीजीसी ओंकार नाथ तिवारी के मुताबिक, पुलिस उपाधीक्षक एटीएस पूर्वी जोन अनुराग दर्शन ने 29 नवंबर 2012 को कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि भारतीय अर्थव्यवस्था को छिन्न-भिन्न करने के लिए जाली नोट के लेनदेन किया जाना था। सूचना के आधार पर ही होटल इंडिया के पास घेराबंदी की गई। इस बीच एक युवक बैग लेकर जाता दिखा। युवक को पकड़ कर छानबीन की गई तो जाली नोटों का जखीरा बरामद हुआ है। आरोपी ने अपना नाम प्रभात कुमार अग्रवाल निवासी गया बताया। प्रभात के बैग से एक हजार के 850 और 500 के 300 जाली नोट बरामद किए गए। अदालत ने कहा कि स्पष्ट रूप से जाली नोटों को वाराणसी में खपाने का उसका उद्देश्य था। अभियोजन ने सजा के बिंदु पर कहा कि प्रभात जाली नोटों के कारोबार में कई वर्षों से संलिप्त था। उसे कठोरतम दंड दिया जाए। ऐसे में अभियुक्त को 10 वर्ष की कड़ी कैद की सजा सुनाई गई।

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