वंदे भारत ट्रेन में सफर के दौरान यदि एसी फेल हो जाए तो बीच के स्टेशनों पर उसकी मरम्मत संभव नहीं है। वंदे भारत ट्रेन की मरम्मत या तो दिल्ली में या फिर वाराणसी में ही हो सकती है। रविवार की रात 11 बजे कैंट स्टेशन पहुंची ट्रेन संख्या 22416 दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत के कोच सी-4 के फेल एसी की मरम्मत की गई।
दिल्ली से ट्रेन खुली तो यात्रियों ने एसी फेल की शिकायत दर्ज कराई। मगर, कोच के क्रू मेंबर कोई भी मदद नहीं कर सके। लिहाजा ट्रेन कानपुर सेंट्रल और प्रयागराज स्टेशन पार होने के बाद कैंट स्टेशन पहुंची तो कंट्रोल की सूचना पर पहुंचे विभागीय कर्मचारियों ने एसी की मरम्मत कराई। इस दौरान आठ घंटे तक सी-4 के यात्री स्लीपर जैसे अनुभव के साथ वंदे भारत में सफर को बाध्य हुए।
कोच सी-4 में दिल्ली से वाराणसी कैंट तक सफर करने वाले यात्री किंशुक घोष के अनुसार वंदे भारत ट्रेन में पहली बार स्लीपर जैसा अनुभव रहा। आठ घंटे तक यात्री गर्मी से बेहाल रहे। अपराह्न तीन बजे दिल्ली से ट्रेन खुली तो एसी ने काम करना बंद कर दिया। शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन क्रू मेंबर सॉरी बोलकर आगे बढ़ गए। एक्स और रेल मदद एप पर शिकायत के बावजूद केस की सुनवाई नहीं हुई। कानपुर सेंट्रल और प्रयागराज में भी कोई तकनीकी टीम एसी मरम्मत को नहीं पहुंची। क्रू मेंबर से मालूम चला कि टेक्निकल टीम वाराणसी कैंट में है, जो ट्रेन पहुंचने पर एसी की मरम्मत करेगी। जब रात 11 बजे कैंट स्टेशन पर ट्रेन पहुंची तो टेक्निकल टीम कोच में एसी की मरम्मत में जुट गई। रेल अधिकारियों के अनुसार तकनीकी खराबी दिल्ली और वाराणसी में ही दूर हो सकती है। अन्य स्टेशनों पर ठहराव भी कम और उस हिसाब से तकनीकी टीम मौजूद नहीं रहती है।