वैदिक विज्ञान केंद्र में डिग्री कोर्स को मंजूरी
विद्दत परिषद की बैठक में ही वैदिक विज्ञान केंद्र में चलने वाले तीन साल के डिग्री कोर्स वैदिक योग विज्ञान को भी मंजूरी मिली है। जिसके बाद यहां योग विज्ञान की पढ़ाई हो सकेगी। आने वाले दिनों में वैदिक विज्ञान, वैदिक प्रौद्योगिकी और वैदिक योग विज्ञान में शोध कार्य भी किया जा सकेगा।
सुबह 11 बजे से शुरू होकर शाम करीब चार बजे तक चली बैठक में अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की गई। जिसमें दृश्य कला संकाय में टेक्सटाइल डिपार्टमेंट बनाए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिस पर कोई निर्णय नहीं हो सका। फिलहाल सेंटर के रूप में संचालित करने का निर्णय लिया गया है।
इस बार नहीं होगा दीक्षांत समारोह
विद्दत परिषद की बैठक में दीक्षांत समारोह के आयोजन पर भी चर्चा हुई। इसमें कोरोना संक्रमण को देखते हुए विश्वविद्यालय में फिलहाल इस साल दीक्षांत समारोह नहीं मनाए जाने का निर्णय लिया गया।
आइएमएस में सीनियर प्रोफेसर बनने का रास्ता साफ
आईएमएस बीएचयू में सीनियर प्रोफेसर पद की नियुक्ति को लेकर नियमों की बंदिश जो आड़े आ रही थी अब उसका रास्ता साफ हो गया है। सीनियर प्रोफेसर पद के लिए यूजीसी की ओर से अब तक 10 साल के प्रोफ़ेसरशिप और दो पीएचडी कराने वाले प्रोफेसरों को ही सीनियर प्रोफेसर के लिए आवेदन करने के लिए योग्य माना जा रहा था।
विद्दत परिषद की बैठक में इस पर लंबी बहस के बाद यह फैसला हुआ कि आईएमएस के शिक्षक छात्रों को एमडी, एमएस कराते हैं। ऐसे में परिषद की बैठक में नियमों को शिथिल करते हुए यह फैसला हुआ है कि 10 साल प्रोफेसरशिप वाले आइएमएस के प्रोफेसर यदि 5 छात्रों को एमडी/एमएस कराते हैं तो वह भी सीनियर प्रोफेसर के लिए योग्य माने जाएंगे। इस फैसले से बड़ी संख्या में आइएमएस के प्रोफेसरों को लाभ होगा।