स्पोर्ट्स क्लब के ऐसे बच्चे जो स्कूलों में इनरोलमेंट नहीं है, उनका भी टीकाकरण कराया जाए। बच्चों के टीकाकरण के लिए स्कूलों में कैंप लगाए जाएंगे। इसके साथ ही स्थित डॉ संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, एलटी कॉलेज अर्दली बाजार में विशेष कैंप लगाए जाएंगे।
वाराणसी में 98 से अधिक आईटीआई विद्यालयों में लगभग 14 हजार बच्चे हैं। कमिश्नर ने निर्देशित करते हुए कहा कि इन विद्यालयों में उन बच्चों की सूची तैयार की जाए, जिन बच्चों का अब तक टीकाकरण नहीं हो सका है और ऐसे बच्चों का 100 फीसदी टीकाकरण कराना जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि किस आईटीआई विद्यालयों में कितने बच्चे ऐसे हैं, जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है और वे किस ब्लॉक पर टीकाकरण कराएंगे, इसकी सूची बुधवार को शाम तक उपलब्ध कराएं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिस भी संस्थान में 100 से अधिक बच्चे हों, वहां मेडिकल टीम भेजकर टीकाकरण कराया जाए। पॉलिटेक्निक कॉलेज के बच्चों का टीकाकरण कराए जाने के लिए नोडल अधिकारी नामित कर कराने का निर्देश दिया। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने बताया कि 3517 बच्चों की सूची अब तक तैयार कर ली गई है, जिसमें से 1042 बच्चों का टीकाकरण कराया जा चुका है, अन्य बच्चों का भी कराया जा रहा है।
बीएचयू और विद्यापीठ के रजिस्ट्रार को निर्देश
बीएचयू एवं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के रजिस्ट्रार को निर्देशित करते हुए कमिश्नर ने कहा कि फर्स्ट ईयर के बच्चे लगभग 18 वर्ष के अंदर के होते हैं, ऐसे बच्चों को फोकस कर उनका टीकाकरण अवश्य कराया जाए। युवा कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया गया कि 15 से 18 वर्ष के बच्चों को नजदीकी विकास खंड में ले जाकर उनका टीकाकरण कराना सुनिश्चित कराएं। निर्धारित आयु वर्ग के अन्य जगहों से बनारस आकर पठन-पाठन करने वाले बच्चों का भी कराए जाने पर विशेष जोर दिया। सारनाथ के तिब्बती कालेज के छात्रों को उनके विद्यालय के परिचय पत्र पर ही टीकाकरण जाने का निर्देश दिया।
डीएम ने दिए निर्देश
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि रविवार शाम तक वाराणसी के सभी 15-18 वर्ष आयु के बच्चों का टीकाकरण कराना सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि मदरसों के निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों का 2 दिन के अंदर टीकाकरण कराएं। उन्होंने युवा कल्याण, नेहरू युवा केंद्र, रेड क्रॉस, चाइल्ड लाइन एवं नागरिक सुरक्षा संगठन के अधिकारियों से भी कहा कि जो बच्चे नहीं पढ़ते हों उन्हें ढूंढकर टीकाकरण करवाएं।
उन्होंने शहर के संचालित एफएम चैनल के प्रतिनिधियों से 15-18 वर्ष के बच्चों के टीकाकरण हेतु जन जागरूकता के सूचना अभियान के रूप में प्रसारित करने पर जोर दिया।