शुक्रवार शाम ड्यूटी पूरी करने के बाद डॉ. गौतम अपने आवास पर चले गए थे। शनिवार शाम तक अस्पताल में ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो सहकर्मियों ने उनके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया। फोन स्विच ऑफ मिलने पर डॉक्टर के साथी उनके कमरे पर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद था। सिक्योरिटी गार्ड ने आवाज देकर और दरवाजा खटखटाकर उन्हें बुलाने का प्रयास किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा तो डॉ. गौतम बेड पर मृत मिले। कमरे में इंजेक्शन की सिरिंज और एनेस्थीसिया की खाली शीशी मिली। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा ने बताया कि अब तक की जांच में पारिवारिक कारण सामने आए हैं। मोबाइल और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।