चेतगंज थाने की पुलिस ने लहुराबीर स्थित राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज से भदोही के ज्ञानपुर थाना के वेदपुर गांव की प्रियंका यादव को पकड़ा। वह प्रिया यादव की जगह परीक्षा देने आई थी। इसके अलावा शिवपुर थाने की पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा। चांदमारी स्थित सीएमजी इंटर कॉलेज से प्रयागराज के फाफामऊ थाना के मातादीन का पुरवा, शांतिपुरम निवासी नरेंद्र कुमार पटेल पकड़ा गया। उसकी निशानेदही पर परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद मूल अभ्यर्थी और उसका भाई लवकुश पटेल पकड़ा गया। रानी मुरार कुमारी बालिका इंटर कॉलेज से बिहार के नालंदा जिले के बनवारीपुर मोड़, दीना निवासी मनीष सिंह पकड़ा गया। वह अभ्यर्थी विपिन सिंह की जगह परीक्षा दे रहा था।
तरना स्थित बसंत बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से बिहार के नालंदा जिले के लारनपुर, इस्लामपुर निवासी विकास सिंह पकड़ा गया। विकास मिर्जापुर के कतुआ का पुरा, महुवरिया निवासी मनोज सिंह की जगह परीक्षा देने आया था।
अभ्यर्थियों से वसूले एक लाख से तीन लाख रुपये
एसटीएफ ने प्रतापगढ़ के कुंडा थाना के मंडल भसऊ निवासी दीपक कुमार पटेल और प्रयागराज के जगदीशपुर मेदी, सोरांव निवासी अजय कुमार पटेल उर्फ गामा को गिरफ्तार किया गया। दोनों सॉल्वर गिरोह के सरगना हैं। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने वाराणसी, प्रयागराज, उन्नाव, बांदा और कानपुर नगर सहित अन्य जिलों में ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से अभ्यर्थियों को नकल कराना तय किया था। इसके लिए एक लाख से लेकर तीन लाख रुपये तक प्रति अभ्यर्थी लिया गया था।
सिम लगाकर दिया माइक्रोफोन, इस्तेमाल करना भी बताया
सॉल्वर गिरोह के सरगना ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने परीक्षा से एक दिन पहले परीक्षार्थियों को अपने पास बुलाया था। उनको ब्लूटूथ डिवाइस और सिम लगा हुआ माइक्रोफोन देकर यह बताया गया था कि उसे किस प्रकार से इस्तेमाल करना है। ब्लूटूथ डिवाइस को कान के अंदर डाला जाता है और माइक्रोफोन को शरीर के किसी हिस्से में छुपाना होता है।