24- शाहगंज क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में ईलाज के दौरान युवक मौत के बाद लापरवाही का आरोप लगाते हुए ह?
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर में युवक की मौत पर अस्पताल में हंगामा, तोड़फोड़
सिर एवं पेट दर्द से पीड़ित का सर्पदंश का उपचार करने का आरोप
रात भर में एक लाख रुपये से ज्यादा वसूलने के बाद फिर मांगे पैसे
अमर उजाला ब्यूरो
शाहगंज (जौनपुर)। सिर एवं पेट दर्द की समस्या लेकर गुरुवार को पहुंचे युवक का दो चिकित्सक भाइयों ने सर्पदंश का उपचार कर दिया। आरोप है कि एक दिन में एक लाख से अधिक रुपये लेने के बाद फिर पैसे की मांग करते हुए चिकित्सक ने इलाज करने से मना कर दिया। इस कारण इलाज न मिलने से युवक की शुक्रवार को मौत हो गई। इससे गुस्साए लोगों ने अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ की। सूचना पर पुलिस पहुंची और मामले की जांच में जुट गई।
सरपतहां थाना क्षेत्र के रामनगर, अर्सिया मोड़ निवासी प्रेम चंद गुप्ता के पुत्र संतोष कुमार (20) को सिर, पेट में दर्द होने पर गुरुवार की सुबह नगर के बाई पास तिराहा स्थित सुशीला देवी मेमोरियल हास्पिटल लाया गया। घर वालों के अनुसार, चिकित्सक ज्ञानचंद चित्रवंशी ने युवक को सर्पदंश बताकर उपचार शुरूकर दिया। इसके लिए 55 हजार रुपये की मांग की और 40 हजार रुपये जमा करा लिए। शाम तक फिर 23 हजार रुपये जमा करा लिए। रात में 85 हजार रुपये जमा करने की बात कही। परिजनों ने 55 हजार रुपये जमा करा दिए। शेष पैसे सुबह देने की बात कही। आरोप है कि चिकित्सकों ने बिना पूरा पैसा जमा किए उपचार करने से मना कर दिया और इलाज के बिना युवक की हालत बिगड़ने लगी। परिजन अस्पताल के दोनों चिकित्सक भाई डा. ज्ञानचंद चित्रवंशी और प्रेमचंद चित्रवंशी से मिन्नत करते रहे लेकिन उन्होेंने एक नहीं सुनी। शुक्रवार की तड़के युवक ने दम तोड़ दिया। इसके घर लोगों ने अस्पताल में हंगामा किया और मेडिकल स्टोर, अल्ट्रासाउंड, आपरेशन थिएटर के शीशे एवं दरवाजे तोड़ डाले। लोगों का गुस्सा देख अस्पताल के कर्मचारी भाग खड़े हुए। सूचना पर क्षेत्राधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव, कोतवाल जयप्रकाश सिंह फोर्स के साथ पहुंचे और लोगों को शांत कराया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पिता प्रेमचंद गुप्ता ने तहरीर दी है। अस्पताल पर पुलिस तैनात कर दी गई है। क्षेत्राधिकारी ने कहा कि पुलिस जांच कर रही है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरके सिंह का कहना है कि पहली नजर में अस्पताल की लापरवाही सामने आई है। जांच की जा रही है। इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, ज्ञानचंद चित्रवंशी का कहना कि युवक को सांप ने काटा था। हम लोगों ने उसको बचाने की कोशिश की, लेकिन बचा नहीं पाए। पैसा का कोई मामला नहीं है। आरोप निराधार है।