कोरोना के चलते हुई देरी
बजड़े की तरह क्रूज में ऊपर और नीचे दोनों मंजिल पर 100 पर्यटकों के बैठने की क्षमता है। नीचे की मंजिल पूरी तरह वातानुकूलित है। क्रूज की खासियत यह है कि चारों तरफ से खुला रहेगा, इससे पर्यटकों को गंगा और घाटों की सुंदरता देखने में सहूलियत होगी।अधिकारियों के अनुसार अप्रैल में ही क्रूज बन चुका था, लेकिन कोरोना के चलते परीक्षण और अनुमति नहीं मिलने के कारण रुका हुआ था। इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग ने 30 नवंबर को गोवा से क्रूज ले जाने की अनुमति दी थी।