फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi: पहलवानी छोड़ बने अवैध हथियारों के सौदागर, अब तोड़ेंगे जेल की रोटी, UP STF ने दबोचा

Tue, 25 Oct 2022 05:31 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

अवैध हथियारों की तस्करी करने के दो आरोपियों को यूपी एसटीएप की टीम ने वाराणसी के आशापुर से गिरफ्तार किया। कब्जे से 32 बोर की सात सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल और 13 मैगजीन बरामद हुए। 
 
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में असलहा तस्कर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी एसटीएफ ने अंतरराज्यीय तस्कर गिरोह के दो सदस्यों को सारनाथ के आशापुर स्थित पुराना आरटीओ तिराहे के पास से मंगलवार को गिरफ्तार किया।  यह दोनों पहलवानी छोड़कर तस्करी के धंधे में जुड़ गए। गिरोह के मास्टरमाइंड समेत अन्य सदस्यों के बारे में एसटीएफ ने अहम जानकारियां जुटाई है।

विज्ञापन


यूपी एसटीएफ के वाराणसी फील्ड इकाई के निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के अनुसार सूचना मिली कि पूर्वांचल में असलहा तस्करी गिरोह सक्रिय है। उस गिरोह के सदस्य असलहा तस्करी के लिए सारनाथ के आशापुर में मौजूद हैं।

7 सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल बरामद
इस आधार पर टीम ने घेराबंदी करते हुए दोपहर बाद दोनों तस्करों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 32 बोर की 7 सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल और 13 मैगजीन बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपी देवेश्वर शुक्ला और अंबुज दोनों मिर्जापुर के यशवंत सिंह का पुरा और बसुहरा के रहने वाले हैं।

विज्ञापन

फेसबुक के जरिए असलहा तस्कर के संपर्क में आए थे दोनों

बरामद असलहा - फोटो : अमर उजाला
अनिल कुमार सिंह के अनुसार पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह कुश्ती लड़ते थे और इसका वीडियो बनाकर फेसबुक पर अपलोड करते थे। फेसबुक पर वीडियो को देखकर इसी वर्ष जुलाई माह में प्रयागराज के मेजा थाना अंतर्गत खानपुर के  विपिन दूबे ने सम्पर्क कर दोस्ती गांठी।

दोस्ती के दौरान विपिन दूबे ने बताया कि असलहा तस्करी में अकूत पैसा है और कद काठी से तुम दोनों काफी मजबूत हो। इस धंधे में उतर जाओ। मनीष की बात मानकर वह दोनों पैसे के लालच में असलहा तस्करी के धंधे में जुड़ गए। 

एक पिस्टल के बदले मिलते थे सात हजार

विपिन दुबे ने पैसा देकर मध्य प्रदेश के बडवानी निवासी एक सरदार (नाम नहीं पता) के पास भेजता था।  पैसा देकर उक्त सरदार से असलहा खरीदते थे और और मध्य प्रदेश से उन असलहों को लाकर विपिन दूबे को दे दिया करते थे। इसके बदले में विपिन 07 हजार रूपये प्रति पिस्टल के हिसाब से पैसा दे दिया करता था। इस प्रकार अबतक कई असलहा लाकर विपिन दूबे को दे चुके हैं।
विज्ञापन

वाराणसी में देनी थी पिस्टल की डिलीवरी

पूछताछ में बताया कि धनतेरस के दिन बड़वानी  गए थे और उसी सरदार से सात सेमी ऑटोमेटिक 32 बोर की पिस्टल और इसकी 13 मैगजीन लेकर आये थे, जिसे वाराणसी में विपिन दुबे को देना था।

इन असलहों को देने के लिये विपिन दूबे का इंतजार कर रहे थे। गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों के खिलाफ सारनाथ में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। वहीं, विपिन दुबे की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें