अनिल कुमार सिंह के अनुसार पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह कुश्ती लड़ते थे और इसका वीडियो बनाकर फेसबुक पर अपलोड करते थे। फेसबुक पर वीडियो को देखकर इसी वर्ष जुलाई माह में प्रयागराज के मेजा थाना अंतर्गत खानपुर के विपिन दूबे ने सम्पर्क कर दोस्ती गांठी।
दोस्ती के दौरान विपिन दूबे ने बताया कि असलहा तस्करी में अकूत पैसा है और कद काठी से तुम दोनों काफी मजबूत हो। इस धंधे में उतर जाओ। मनीष की बात मानकर वह दोनों पैसे के लालच में असलहा तस्करी के धंधे में जुड़ गए।
विपिन दुबे ने पैसा देकर मध्य प्रदेश के बडवानी निवासी एक सरदार (नाम नहीं पता) के पास भेजता था। पैसा देकर उक्त सरदार से असलहा खरीदते थे और और मध्य प्रदेश से उन असलहों को लाकर विपिन दूबे को दे दिया करते थे। इसके बदले में विपिन 07 हजार रूपये प्रति पिस्टल के हिसाब से पैसा दे दिया करता था। इस प्रकार अबतक कई असलहा लाकर विपिन दूबे को दे चुके हैं।
पूछताछ में बताया कि धनतेरस के दिन बड़वानी गए थे और उसी सरदार से सात सेमी ऑटोमेटिक 32 बोर की पिस्टल और इसकी 13 मैगजीन लेकर आये थे, जिसे वाराणसी में विपिन दुबे को देना था।
इन असलहों को देने के लिये विपिन दूबे का इंतजार कर रहे थे। गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों के खिलाफ सारनाथ में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। वहीं, विपिन दुबे की तलाश की जा रही है।