देश में आठ लाख करोड़ रुपये का कच्चा तेल आयात किया जा रहा है। अब एथेनॉल जो गन्ने से बन सकता है, इससे हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इस एथेनॉल का पंप भी आने वाला है। यूपी गन्ने का प्रदेश है। अगर यूपी के पेट्रोल पंपों से एथेनॉल आधारित ईंधन मिले तो आठ लाख करोड़ रुपये का आयात कम किया जा सकता है।
उक्त बातें केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को एमएसएमई एवं स्टार्टअप्स फोरम -भारत की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में कहीं। ईंधन के आयात पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि बायो सीएनजी ट्रैक्टर लांच किया जा रहा है। इससे डेढ़ लाख से लेकर 3 लाख रुपये तक की बचत होती है। नागपुर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सीएनजी पर आ गए हैं। एथेनॉल पर आधारित वाहन लांच किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है। इस सेक्टर में 11 करोड़ रोजगार का सृजन हो रहा है।
देश की जीडीपी में 30 प्रतिशत की सहभागिता हो रही है। कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्वत, अहमदाबाद से नेशनल बोर्ड ऑफ एडवाइजर्स के चेयरमैन निरंजन कुमार जैन, जर्मनी से निवेशक निखिल मदान, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आरके चौधरी, टोरंटो, कनाडा से प्रशान्त शंकर पाठक, अमेरिका से पूर्णिमा वोरिया, बंगलुरू से आशुतोष अग्रवाल, नीरज पारिख, कैलिफोर्निया से रजनीश बाजपेयी, जम्मू एवं कश्मीर से संजय एब्रॉल ने संवाद किया।