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यूपी की शिक्षा व्यवस्था का हाल, आठवीं के छात्र नहीं बता सके राज्य का नाम

Sun, 23 Apr 2017 03:31 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
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Teacher beat student - फोटो : Demo Pic
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बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने शनिवार को काशी विद्यापीठ ब्लॉक के विद्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में एक बार फिर से शिक्षा की गुणवत्ता की पोल खुल गई। पूर्व माध्यमिक विद्यालय सगहट के कक्षा आठ के बच्चे अपने ही राज्य का नाम नहीं बता सके।
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बच्चों से अब गुणा भाग करने को कहा गया तो वो भी नहीं कर सके। बीएसए ने गणित के अध्यापक विनोद कुमार गौतम और सामाजिक विज्ञान की शिक्षिका नीलम गौड़ का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया।
इसी तरह में महेशपुर प्राथमिक विद्यालय में भी पठन-पाठन की गुणवत्ता का भी बुरा हाल रहा। यहां पर प्रधानाध्यापिका पूनम श्रीवास्तव, अध्यापक प्रमोद पाठक, आकांक्षा सिंह, ज्योत्सना, मुन्नी देवी और इंदु यादव का भी वेतन रोक दिया गया।
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प्राथमिक विद्यालय लठिया का हाल इससे जुदा था। यहां पर बच्चों के पठन पाठन का स्तर संतोषजनक रहा। विद्यालय में साफ-सफाई भी थी। इस पर बीएसए ने हेडमास्टर व शिक्षक की तारीफ करने के साथ विद्यालय में छात्रों के नामांकन की संख्या बढ़ाने को कहा।
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