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UP Politics: अतुल राय बोले- बड़े पद से नहीं, जनसमर्थन से बनती है पहचान; राजनीतिक जीवन पर की बातचीत

Sun, 28 Jun 2026 11:10 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: अतुल राय ने वाराणसी एयरपोर्ट पर कहा कि उनकी पहचान जनता के भरोसे और जनसमर्थन से बनी है। उन्होंने खुद को राजनीतिक साजिश का शिकार बताते हुए सभी मामलों में दोषमुक्त होने का दावा किया। बेटे के मुंडन समारोह में जुटी भारी भीड़ को लेकर पूर्वांचल की राजनीति में उनकी बढ़ती सक्रियता की चर्चा तेज हो गई।
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पूर्व सांसद अतुल राय। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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UP Politics: रविवार को दिल्ली रवाना होने से पूर्व वाराणसी एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में पूर्व सांसद अतुल राय ने पूर्वांचल की राजनीति, अपने राजनीतिक जीवन और भविष्य की रणनीति पर खुलकर बात की।

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मनोज सिन्हा की तुलना में खुद को अलग पहचान मिलने के सवाल पर अतुल राय ने कहा कि किसी भी नेता की वास्तविक पहचान बड़े पद से नहीं, बल्कि जनता के बीच उसकी सक्रियता, जनसमर्थन और विश्वास से बनती है। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी ताकत जनता का भरोसा, सामाजिक संघर्ष और युवाओं का समर्थन है।

अपने राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें करीब साढ़े पांच वर्ष जेल में रहना पड़ा। उनका दावा है कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत झूठे मामलों में फंसाया गया था और बाद में वे सभी मामलों में दोषमुक्त हुए। उन्होंने यह भी कहा कि जेल में रहते हुए उन्होंने कथित साजिशकर्ताओं के खिलाफ उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायतें भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
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अतुल राय ने कहा कि सांसद रहते हुए जेल में होने के बावजूद उन्होंने अपनी सांसद निधि की पूरी राशि लोकसभा क्षेत्र के विकास कार्यों में खर्च कराई। उनका दावा है कि कोरोना काल में घोसी लोकसभा क्षेत्र में सबसे अधिक राहत एवं जनसेवा के कार्य कराए गए।

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मुंडन समारोह की भीड़ से पूर्वांचल की सियासत बढ़ी राजनीतिक हलचल
हाल ही में पूर्व सांसद अतुल राय ने गाजीपुर जिले के अपने पैतृक गांव बीरपुर में आयोजित बेटे के मुंडन संस्कार कार्यक्रम के जरिए अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने पूर्वांचल की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दिया। सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम में करीब डेढ़ लाख लोगों की भीड़ जुटी, जिसकी एलआईयू रिपोर्ट भी शासन को भेजे जाने की चर्चा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अतुल राय की सक्रियता का असर पूर्वांचल की कई विधानसभा सीटों मोहम्मदाबाद, मधुबन, घोसी, सेवापुरी, रोहनिया, फेफना और जमानियां पर पड़ सकता है। उनके समर्थकों का दावा है कि इन क्षेत्रों में पूर्व सांसद 5 हजार से 25 हजार तक वोटों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।
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