मछलीशहर से समाजवादी पार्टी की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर के खिलाफ आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में अदालत ने गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय/एमपी-एमएलए अनुज कुमार जौहर की अदालत ने यह कार्रवाई बार-बार आदेश के बावजूद उपस्थित नहीं होने पर की। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 22 अक्तूबर की तारीख तय की है।
अदालत ने पत्रावली में दर्ज किया कि मामला आरोपी के बयान दर्ज करने के लिए नियत है, लेकिन बार-बार आदेश दिए जाने के बावजूद विधायक उपस्थित नहीं हो रही हैं। वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले का त्वरित निस्तारण करने का आदेश दिया है।
2022 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा है मामला
मामले में तत्कालीन उपनिरीक्षक सकलदीप सिंह ने मछलीशहर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के मुताबिक, 17 फरवरी 2022 को विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उपनिरीक्षक अपने हमराहियों के साथ कस्बे में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद थे।
आरोप है कि शाम करीब 5:55 बजे समाजवादी पार्टी की तत्कालीन प्रत्याशी डॉ. रागिनी सोनकर अपने समर्थकों के साथ चुंगी चौराहे से सब्जी मंडी तिराहे की ओर बढ़ीं। उनके साथ सरवर राईन, मुस्ताक राईन निवासी पुरानी बाजार, मछलीशहर, राजेश यादव, कैलाश सोनकर और करीब 100 से 125 अज्ञात समर्थक शामिल थे। जुलूस में कई वाहन भी शामिल थे।
आवागमन बाधित करने और नियमों के उल्लंघन का आरोप
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि जुलूस के दौरान समर्थकों ने झंडे और बैनर लहराए, जिससे आवागमन बाधित हुआ। इसके बाद जुलूस जंघई तिराहे की ओर बढ़ा। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान कोविड-19 संबंधी दिशा-निर्देशों और आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया गया। निर्वाचन आयोग के निर्देशों और कोविड नियमों का पालन करने के लिए कहने के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया। घटना की मोबाइल से वीडियोग्राफी भी कराई गई थी।
इसी मामले में अदालत ने शनिवार को विधायक डॉ. रागिनी सोनकर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए अगली सुनवाई 22 अक्तूबर को निर्धारित की है।