पुलिस ने मामले की पूरी तरह पुष्टि करने के लिए युवक के परिजनों से भी विस्तार से बात की। परिजनों ने बताया कि युवक पिछले कुछ समय से निजी कारणों के चलते मानसिक रूप से थोड़ा परेशान चल रहा था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि परिवार के लोग लगातार उससे बातचीत कर रहे हैं और उसे समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
पुलिस ने युवक को फोन पर समझाया कि इस तरह के संवेदनशील और भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया पर डालना ठीक नहीं है, क्योंकि इससे परिवार और समाज में अनावश्यक दहशत और भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। साथ ही ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन को भी तत्काल कार्रवाई करनी पड़ती है।
समझाइश के बाद युवक ने अपनी गलती स्वीकार की और भविष्य में इस तरह की पोस्ट न करने का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को भी सतर्क रहने और युवक का ध्यान रखने की सलाह दी। स्थिति सामान्य पाए जाने पर पुलिस टीम आवश्यक हिदायत देकर वापस लौट गई।